चीन के तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक आयोजित 25वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस बार का शिखर सम्मेलन SCO के इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है, जिसमें भारत, ईरान, तुर्की और कई मध्य एशियाई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए।
चीन-रूस रिश्तों में दिखी गहरी रणनीतिक साझेदारी

Vladimir Putin के स्वागत में चीन ने उन्हें रेड कार्पेट समारोह से सम्मानित किया। दोनों देशों के बीच रिश्तों को “इतिहास के सबसे मजबूत दौर” के रूप में पेश किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह साझेदारी न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया में नए भूराजनीतिक समीकरण तैयार कर रही है।
द्विपक्षीय बैठकों में अहम चर्चाएं

शिखर सम्मेलन के दौरान Vladimir Putin ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। इसके अलावा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन और अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात की। इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीतियाँ, व्यापार विस्तार और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
बीजिंग में सैन्य परेड में पुतिन का विशेष सम्मान

SCO शिखर सम्मेलन के बाद Vladimir Putin 3 सितंबर को बीजिंग पहुंचे, जहां उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित भव्य सैन्य परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान पुतिन को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दाहिनी ओर बैठाया गया, जो चीन-रूस की गहरी कूटनीतिक साझेदारी का स्पष्ट संकेत था।









