vikram chip india भारत ने 2025 में सेमिकॉन इंडिया सम्मेलन में अपने पहले पूर्णत: स्वदेशी “विक्रम” 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर का अनावरण किया। यह चिप इसरो के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में डिजाइन की गई और मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लैब में तैयार की गई। इसे खासतौर पर अंतरिक्ष, रक्षा, ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां उच्च विश्वसनीयता और प्रदर्शन की आवश्यकता होती है।
vikram chip india का सेमीकंडक्टर मिशन और निवेश

सरकार के “इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM)” के तहत देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करने के लिए ₹76,000 करोड़ का निवेश किया गया है। सकल परियोजनाएं: गुजरात, उत्तर प्रदेश, असम और आंध्र प्रदेश में कई फैब्रिकेशन, असेंबली और टेस्टिंग यूनिट्स की स्थापना हो रही है। टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (TSAT) असम में बड़े स्तर पर काम कर रही है, जो प्रतिदिन लाखों चिप्स तैयार करेगी।
भारतीय अनुसंधान और डिज़ाइन की ताकत

vikram chip india, भारत ने चिप डिजाइन के क्षेत्र में भी स्वदेशी नवाचार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है: वेगा प्रोसेसर (C-DAC): IoT और एज कंप्यूटिंग के लिए RISC-V आधारित चिप्स विकसित की गईं। शक्ति और आइरिस (IIT मद्रास): ओपन-सोर्स RISC-V प्रोसेसर, जो रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों के लिए उपयोगी हैं, भारतीय तकनीक की शक्ति को प्रदर्शित करते हैं।
क्यों खास है vikram chip india ‘मेड इन इंडिया’
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— Business Today (@business_today) September 2, 2025
आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भरता घटेगी। रणनीतिक और तकनीकी संप्रभुता, जो देश को रक्षा, अंतरिक्ष और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में मजबूती प्रदान करेगी। आर्थिक विकास और रोजगार सृजन, जिससे लाखों युवाओं को उच्च-तकनीक क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे।









