Surekha Yadav: एशिया की पहली महिला लोकोपायलट का रिटायरमेंट

Surekha Yadav
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भारत की रेलवे जगत में Surekha Yadav का नाम हमेशा प्रेरणा के रूप में याद किया जाएगा। 36 साल की शानदार सेवा के बाद, सुरेखा यादव 30 सितंबर 2025 को रिटायर हो रही हैं। उन्होंने न केवल महिलाओं के लिए रेलवे में नई राह खोली बल्कि अपने साहस और समर्पण से इतिहास रचा।

प्रारंभिक जीवन और करियर की शुरुआत

Surekha Yadav

Surekha Yadav का जन्म महाराष्ट्र के सतारा में हुआ था। उन्होंने 1989 में कालयान ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग प्राप्त कर असिस्टेंट लोको पायलट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। शुरूआती दिनों में उन्होंने मालगाड़ी और डेमो ट्रेन चलाकर अनुभव हासिल किया।

महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ और ट्रेलब्लेज़िंग

Surekha Yadav

Surekha Yadav ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज कीं | एशिया की पहली महिला लोको पायलट। डेक्कन क्वीन जैसी प्रमुख ट्रेनों का संचालन। 2023 में वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन कर पहली महिला बनने का गौरव। उनकी सफलता ने महिलाओं को रेलवे और अन्य पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।

परिवार और समर्थन का महत्व

Surekha Yadav

Surekha Yadav हमेशा अपने परिवार के सहयोग को अपनी सफलता की कुंजी मानती हैं। विशेष रूप से उनके पति और परिवार ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियों का सामना करने के लिए केवल ताकत नहीं बल्कि दिल की भी आवश्यकता होती है।

रिटायरमेंट और प्रेरक संदेश

30 सितंबर 2025 को रिटायर हो रही सुरेखा यादव का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका जीवन युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने साबित किया कि सही मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास से कोई भी क्षेत्र कठिनाईपूर्ण नहीं होता।