स्पेसएक्स (SpaceX) ने अपने उन्नत Starship रॉकेट के ज़रिए 2028 तक चाँद पर कार्गो मिशन भेजने की योजना बनाई है। यह मिशन नासा (NASA) के आर्टेमिस कार्यक्रम से जुड़ा हो सकता है, जिसका लक्ष्य चाँद पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति स्थापित करना है। स्टारशिप को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह एक बार में 100 टन से अधिक माल ले जा सके।
स्टारशिप की क्षमता और तकनीकी प्रगति

Starship पूरी तरह से पुन: प्रयोग योग्य (Reusable) रॉकेट प्रणाली है, जो अंतरिक्ष यात्रा की लागत को कई गुना कम करने में सक्षम होगी। कंपनी के अनुसार, यह रॉकेट पृथ्वी की कक्षा से लेकर चाँद और मंगल तक कार्गो और यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा। स्पेसएक्स का लक्ष्य है कि भविष्य में इसे नियमित अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित किया जाए।
2030 तक मंगल पर कार्गो मिशन का लक्ष्य

रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेसएक्स 2030 तक अपने Starship के ज़रिए मंगल ग्रह पर भी कार्गो मिशन भेजने की योजना पर काम कर रहा है। कंपनी का दीर्घकालिक सपना है कि मंगल पर मानव बस्ती स्थापित की जाए। शुरुआती चरण में यह मिशन उपकरण, आपूर्ति और वैज्ञानिक प्रयोगों को मंगल की सतह तक पहुंचाने पर केंद्रित रहेगा।
प्रति टन लागत और भविष्य की संभावनाएँ
Mars payloads will cost the same as Moon payloads 🤯🤯 https://t.co/v8gWSP5sp9
— FSD Pilot (Unsupervised) 🛩🇺🇸 (@jchybow) October 12, 2025
सूत्रों के अनुसार, Starship के ज़रिए मंगल तक कार्गो भेजने की अनुमानित लागत $100 मिलियन प्रति टन तक हो सकती है। हालांकि यह आंकड़ा अभी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं किया गया है, लेकिन एलन मस्क की कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस लागत को बेहद कम करना है। यदि यह योजना सफल होती है, तो स्पेस यात्रा का एक नया युग शुरू हो सकता है।









