तमिल सिनेमा की फिल्म Parasakthi सिर्फ एक पीरियड ड्रामा नहीं है, बल्कि यह Language Politics, Anti-Hindi Imposition Movement और Cultural Identity जैसे गंभीर मुद्दों को बखूबी से दिखने का काम करती है। Sudha Kongara Directorial यह फिल्म दर्शकों को 1960 के दशक के तमिलनाडु में ले जाती है, जहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और अस्तित्व का प्रतीक बन जाती है।

Anti-Hindi Imposition पर आधारित दमदार स्टोरी
Parasakthi फिल्म की Story की शुरुआत उस दौर से होती है जब केंद्र सरकार द्वारा Hindi Imposition के फैसले ने दक्षिण भारत में विरोध की आग भड़का दी थी। फिल्म का नायक Chezhiyan (Sivakarthikeyan) एक आम युवक है, जो शुरुआत में मूक दर्शक रहता है, लेकिन हालात उसे आंदोलन का चेहरा बना देते हैं। यह फिल्म साफ संदेश देती है कि विरोध किसी भाषा के खिलाफ नहीं, बल्कि भाषा थोपे जाने की मानसिकता के खिलाफ है।
Sivakarthikeyan Performance: करियर का सबसे गंभीर अवतार
अब तक हल्की-फुल्की और कॉमेडी भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले Sivakarthikeyan की Acting इस फिल्म में पूरी तरह अलग लेवल पर नजर आती है। उनका किरदार भावनात्मक, गुस्से से भरा और वैचारिक रूप से मजबूत है। उनकी आंखों की खामोशी और संवादों की गंभीरता फिल्म को गहराई देती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।

Direction & Screenplay: Sudha Kongara की मजबूत पकड़
Sudha Kongara Direction फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इतिहास और राजनीति को ड्रामा के साथ संतुलित किया है। स्क्रीनप्ले कहीं-कहीं भारी जरूर लगता है, लेकिन विषय की गंभीरता उसे जरूरी भी बनाती है। फिल्म किसी एक विचारधारा को थोपने के बजाय सवाल उठाती है और जवाब दर्शकों पर छोड़ती है।
Cinematography & Period Setting: 1960s Tamil Nadu जीवंत
फिल्म की Cinematography और Production Design 1960 के दशक के तमिलनाडु को बेहद वास्तविक बनाती है। पुराने कॉलेज, आंदोलन के दृश्य, भीड़ और नारे – सब कुछ दर्शक को उस दौर में ले जाता है। यह Period Tamil Film तकनीकी रूप से भी मजबूत नजर आती है।
Parasakthi Movie देखनी चाहिए या नहीं?
अगर आप Political Films, Social Issue Based Movies और Content Driven Cinema पसंद करते हैं, तो Parasakthi आपके लिए जरूर देखने लायक है। यह फिल्म सवाल पूछती है, इतिहास को याद दिलाती है और भाषा के नाम पर बंटवारे की सोच पर गहरी चोट करती है।
Parasakthi Movie Review को समीक्षकों से सराहना मिली है, खासकर इसके उद्देश्य और साहसिक विषय के लिए। हालांकि कुछ दर्शकों को फिल्म की गति धीमी और डायलाग भारी लग सकते हैं। यह फिल्म मनोरंजन से ज्यादा Meaningful Cinema पसंद करने वालों के लिए है।









