Shehbaz Sharif पहुंचे SCO शिखर सम्मलेन 2025 में | चीन के तियानजिन शहर में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह SCO के इतिहास का सबसे बड़ा सम्मेलन माना गया, जिसमें दुनिया के करीब 20 देशों के नेता शामिल हुए। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक सहयोग और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करना था।
Shehbaz Sharif की सक्रिय भागीदारी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif 30 अगस्त को तियानजिन पहुंचे और कई अहम बैठकों में शामिल हुए। उन्होंने SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट में पाकिस्तान की ओर से संबोधन दिया और तियानजिन यूनिवर्सिटी में विशेष व्याख्यान भी प्रस्तुत किया। शिखर सम्मेलन के बाद वे बीजिंग में आयोजित विक्ट्री डे समारोह में भी शामिल हुए।
कूटनीतिक चर्चाओं और वायरल पलों की झलक

शिखर सम्मेलन के दौरान एक ग्रुप फोटो में पीएम मोदी और शहबाज़ शरीफ़ अलग-अलग छोरों पर खड़े नजर आए, जिससे दोनों देशों के बीच जारी दूरी साफ झलकी। वहीं एक और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिसमें Shehbaz Sharif को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हाथ मिलाने के लिए तेज़ी से आगे बढ़ते हुए देखा गया।
वैश्विक राजनीति में SCO का बढ़ता प्रभाव
China killed our soldiers in Galwan. China supported Pakistan during Operation Sindoor. Meanwhile, bhakts & Godi media cheerleaders feel proud just because Modi got red carpet welcome in China.
— Pracool (@thehighmonk) August 31, 2025
FYI: Pak PM Shehbaz Sharif got the same red carpet welcome. pic.twitter.com/iE8EzVtq6d
इस साल का शिखर सम्मेलन न सिर्फ एशिया बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति के लिए अहम संकेत लेकर आया। चीन ने इस मंच के जरिए वैश्विक दक्षिण देशों की एकजुटता और अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देने का संदेश दिया। भारत, रूस, ईरान और पाकिस्तान जैसे देशों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी रणनीतिक महत्व प्रदान किया।









