भारत की पैरालंपिक स्टार Sheetal Devi ने एक बार फिर अपने साहस और मेहनत से इतिहास रच दिया है। दुनिया की पहली महिला आर्चर जिनके दोनों हाथ नहीं हैं, अब उन्होंने भारत की एबल-बॉडीड जूनियर तीरंदाजी टीम में जगह बना ली है — यह अपने आप में एक अनोखी उपलब्धि है।
कश्मीर की बेटी का संघर्ष और सफर

जम्मू-कश्मीर के कटरा की रहने वाली Sheetal Devi ने अपने हौसले से असंभव को संभव कर दिखाया। उन्होंने अपने पैरों से तीरंदाजी करना सीखा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते। अब वह शारीरिक रूप से सक्षम खिलाड़ियों की टीम में चुनी गई हैं, जिससे पूरे देश में गर्व का माहौल है।
खेल मंत्रालय और फैंस की बधाई

भारत सरकार, खेल मंत्रालय और देशभर के खेलप्रेमियों ने शीतल को जमकर बधाइयाँ दीं। खेल मंत्री ने ट्वीट किया — “Sheetal Devi भारत के नए युग की प्रेरणा हैं, जिन्होंने सीमाओं को तोड़कर इतिहास लिखा है।”
लक्ष्य: ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व
When I started competing, I had a small dream – to one day compete alongside the able-bodied and win medals ♥️ I didn’t make it at first, but I kept going, learning from every setback.
— SheetalArcher (@ArcherSheetal) November 7, 2025
Now, that dream is one step closer. 🌟
In the Asia Cup trials, I secured Rank 3 and will now… pic.twitter.com/q0v3wgKKfC
अब Sheetal Devi का अगला सपना है — ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना। वह कहती हैं, “मैं चाहती हूँ कि दुनिया देखे कि दिव्यांग होना कमजोरी नहीं, बल्कि नई ताकत है।”









