Rahul Gandhi के हालिया आरोप को चुनाव आयोग (ECI) ने पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया है। राहुल गांधी ने दावा किया था कि मतदाता सूची में करीब 30,000 फर्जी वोटर मौजूद हैं। आयोग ने इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश करार दिया और राहुल से कहा कि या तो सबूत पेश करें या माफी मांगें।

Rahul Gandhi पर चुनाव आयोग का सख्त रुख
चुनाव आयोग ने कहा कि यदि Rahul Gandhi अपने आरोपों पर कायम हैं, तो उन्हें 1960 के मतदाता पंजीकरण नियमों के तहत Rule 20(3)(b) के अनुसार शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा। ऐसा न करने पर यह माना जाएगा कि उनके आरोप बिना आधार के हैं, और उन्हें देश से माफी मांगनी होगी।

आरोपों को बताया चुनावी प्रक्रिया में बाधा
ECI का कहना है कि Rahul Gandhi द्वारा साझा की गई सूची चुनावी प्रक्रिया में अव्यवस्था फैलाने और मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास है। आयोग ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में इस तरह के निराधार आरोप स्वीकार्य नहीं हैं।

राज्यों में जारी हुए नोटिस
आयोग के निर्देश पर कर्नाटक, हरियाणा और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किए हैं। उनसे तय समय सीमा में प्रमाण और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है ताकि उनके दावों की जांच हो सके।

नतीजा और राजनीतिक असर
यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में है। अगर राहुल गांधी सबूत पेश करने में नाकाम रहे, तो उन्हें न केवल माफी मांगनी पड़ सकती है बल्कि उनकी राजनीतिक साख पर भी असर पड़ेगा। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि वह चुनाव की पारदर्शिता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।









