PM Modi Banswara Project, 1.22 लाख करोड़ रुपये के परियोजनाओं का उद्घाटन किया

Banswara Project
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Banswara Project, राजस्थान: 25 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बांसरवा जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 1.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इस अवसर पर देश की ऊर्जा और हरित विकास योजनाओं को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हुई।

Banswara Project परमाणु ऊर्जा: भारत की ऊर्जा क्रांति

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मुख्य परियोजना के रूप में Banswara Project परमाणु ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन किया गया, जिसकी अनुमानित लागत ₹42,000 करोड़ है।

  • इस परियोजना में चार 700 मेगावाट के प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर शामिल होंगे।
  • यह परियोजना न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) और नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) के संयुक्त प्रयास से संचालित होगी।
  • परियोजना का संचालन 2031 में शुरू होने की उम्मीद है और पूरी तरह से 2036 तक पूर्ण होने की संभावना है।

यह कदम भारत की ऊर्जा विविधता और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

हरित ऊर्जा परियोजनाओं की शुरुआत

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प्रधानमंत्री मोदी ने सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया, जिनकी कुल लागत लगभग ₹19,210 करोड़ रुपये है। राजस्थान के फालोडी, जैसलमेर, जालोर, सीकर और बीकानेर में नई सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। यह पहल भारत को 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता प्राप्त करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर करेगी।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास

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इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थायी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। परमाणु ऊर्जा परियोजना भारत को स्वदेशी और स्थायी ऊर्जा उत्पादन की दिशा में सक्षम बनाएगी।
आर्थिक और सामाजिक लाभ

Banswara Project के चलते न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। बांसरवा और आसपास के क्षेत्रों में नई नौकरियों के अवसर उत्पन्न होंगे। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश से स्थानीय उद्योग और व्यापार को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल भारत को हरित और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।