Mirabai Chanu ने चोट से उबरकर नई तकनीक, फिटनेस और वजन वर्ग में बदलाव के दम पर शानदार वापसी की। कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 193 किलोग्राम उठाकर गोल्ड मेडल और नए रिकॉर्ड बनाए। उनकी यह रणनीति आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत के लिए और भी सफलताएँ ला सकती है।
चोट से उबरने की मजबूत तैयारी

टोक्यो ओलंपिक के बाद लगी गंभीर चोट ने Mirabai Chanu के करियर को चुनौती दी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगभग एक साल तक उन्होंने फिजियोथेरेपी, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और रिकवरी पर पूरा ध्यान दिया। हिप स्टेबलाइजेशन और मोबिलिटी एक्सरसाइज की मदद से उन्होंने अपनी बॉडी को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया, जिससे उन्हें दोबारा टॉप फॉर्म में लौटने का आत्मविश्वास मिला।
तकनीक में बड़ा बदलाव

अपनी वापसी की तैयारी में मीराबाई ने अपनी स्नैच तकनीक पर खास फोकस किया। हिप थ्रस्ट और सेकेंड पुल को बेहतर बनाने के लिए कोच और इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स की मदद ली। इस सुधार से न सिर्फ उनका संतुलन बेहतर हुआ बल्कि वजन उठाने की गति और ताकत में भी जबरदस्त वृद्धि हुई।
नए वज़न वर्ग में नई चुनौती

अंतरराष्ट्रीय नियमों में बदलाव के बाद मीराबाई ने अपने वजन वर्ग को 49 किलोग्राम से घटाकर 48 किलोग्राम कर लिया। यह बदलाव उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन सही डाइट प्लान और फिटनेस रूटीन की बदौलत उन्होंने इस नए वर्ग में खुद को पूरी तरह ढाल लिया और बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित की।
गोल्ड मेडल के साथ दमदार कमबैक
𝐌𝐢𝐫𝐚𝐛𝐚𝐢 𝐂𝐡𝐚𝐧𝐮 𝐰𝐢𝐧𝐬 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐨𝐧𝐰𝐞𝐚𝐥𝐭𝐡 𝐂𝐡𝐚𝐦𝐩𝐢𝐨𝐧𝐬𝐡𝐢𝐩𝐬 𝐆𝐨𝐥𝐝
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 25, 2025
Tokyo Olympics silver medallist Mirabai Chanu lifted a total weight of 193 kg to win a gold medal🥇 at the Commonwealth Weightlifting Championships in Ahmedabad.… pic.twitter.com/cAHqsv60nP
कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में Mirabai Chanu ने वापसी करते हुए 193 किलोग्राम (स्नैच 84 किग्रा, क्लीन एंड जर्क 109 किग्रा) का भार उठाकर न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता बल्कि तीन नए रिकॉर्ड भी बनाए। इस जीत ने साबित कर दिया कि उनकी रणनीति और मेहनत सही दिशा में थी और आने वाले टूर्नामेंट्स में भी उनसे बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।









