Made in India semiconductor chip 2025 केंद्र सरकार के ₹76,000 करोड़ के “Semicon India Programme” के तहत देश में आधुनिक सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन शुरू हो चुका है और 2025 के अंत तक पहला ‘Made in India’ चिप बाजार में उपलब्ध होगा। यह कदम भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन की प्रमुख बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि भारत का पहला Made in India semiconductor chip 2025 के अंत तक बाजार में लॉन्च किया जाएगा। यह चिप मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक वाहनों, स्मार्ट डिवाइसेज़ और रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
Made in India semiconductor chip देशभर में निर्माण इकाइयों की शुरुआत

भारत में कई बड़ी कंपनियां सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयां स्थापित कर रही हैं: टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और पावरचिप की चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट धोलेरा, गुजरात में बन रही है। HCL और Foxconn की साझेदारी में यूपी के जेवर में 20,000 वेफर प्रति माह क्षमता वाला प्लांट तैयार किया जा रहा है। टाटा सेमीकंडक्टर असेम्बली एंड टेस्ट (TSAT) यूनिट जागीरोड, असम में 2025 तक शुरू होगी। माइक्रोन की OSAT यूनिट साणंद, गुजरात में पैकेजिंग और टेस्टिंग के लिए तेजी से विकसित की जा रही है।
सरकारी नीतियां और प्रोत्साहन

भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत सरकार फैब और असेंबली यूनिट्स के लिए 50% तक सब्सिडी दे रही है। “Semicon India” कार्यक्रम ने विदेशी और घरेलू निवेश को बढ़ावा दिया है, जिससे इस सेक्टर में तेजी से रोजगार और तकनीकी विकास हो रहा है।
Made in India semiconductor chip स्वदेशी डिजाइन और टेक्नोलॉजी

भारत सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि डिजाइन सेक्टर में भी मजबूत हो रहा है: VEGA माइक्रोप्रोसेसर (C-DAC): RISC-V आर्किटेक्चर पर आधारित ये प्रोसेसर IoT, स्मार्ट डिवाइसेज़ और एनालिटिक्स में उपयोग किए जाएंगे। SHAKTI प्रोजेक्ट (IIT मद्रास): पूरी तरह स्वदेशी प्रोसेसर जो रक्षा और अंतरिक्ष मिशनों के लिए उपयुक्त हैं। Semi-Conductor Laboratory (Mohali): इस लैब को आधुनिक बनाने के लिए 2 बिलियन डॉलर का निवेश किया जा रहा है।
स्टार्टअप्स और निवेश की लहर

L&T Semiconductor Technologies ने 2025 तक चिप उत्पादन और 2027 तक 10 बिलियन डॉलर का फैब प्लांट बनाने की योजना बनाई है। कई स्टार्टअप्स डिजाइन और पैकेजिंग टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे देश में रोजगार और तकनीकी विशेषज्ञता तेजी से बढ़ रही है।









