Lata Mangeshkar का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार थे। बचपन से ही संगीत का माहौल उन्हें मिला और बहुत कम उम्र में ही उन्होंने गाना शुरू कर दिया।
भारतीय संगीत जगत में योगदान

लता जी को “भारत की स्वर कोकिला” कहा जाता है। उन्होंने लगभग सात दशकों तक हजारों गीत गाए और हिंदी के साथ-साथ कई अन्य भारतीय भाषाओं में भी अपनी आवाज़ दी। उनकी आवाज़ ने फिल्मों, भक्ति गीतों और देशभक्ति गीतों को अमर बना दिया।
पुरस्कार और सम्मान

Lata Mangeshkar को भारत रत्न, पद्म भूषण, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार जैसे अनेक सम्मान प्राप्त हुए। उनके गीत न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में सुने और सराहे जाते हैं।
Lata Mangeshkar की यादें और विरासत
“भारत की सरगम में सबसे मधुर स्वर” 🎶
— Deepak Khatri (@Deepakkhatri812) September 28, 2025
लता मंगेशकर सिर्फ़ गायिका नहीं, एक युग थीं।
उनकी आवाज़ में गंगा की पवित्रता, रेशम की कोमलता और भावनाओं का अनोखा संसार बसा था।
30 हज़ार से अधिक गीत, हर राग और हर जज़्बे को छूते हुए।
जयंती पर स्वर कोकिला को श्रद्धांजलि 🙏❤️#LataMangeshkar… pic.twitter.com/2Wu0YdV0B9
उनकी जयंती पर पूरा देश उन्हें श्रद्धा और प्रेम से याद करता है। लता जी की आवाज़ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी और भारतीय संगीत में उनका योगदान सदैव अमर रहेगा।









