Justice Surya Kant बने India के 53rd Chief Justice — Supreme Court में नया नेतृत्व

Justice Surya Kant
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भारत की न्यायपालिका में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ है, जब Justice Surya Kant ने देश के 53rd Chief Justice of India (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। उनकी नियुक्ति Supreme Court में एक मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व की शुरुआत मानी जा रही है।

Justice Surya Kant new CJI

Justice Surya Kant का जीवन और शिक्षा

हरियाणा के हिसार जिले में जन्मे Justice Surya Kant ने अपनी शिक्षा Maharshi Dayanand University (MDU), Rohtak से प्राप्त की। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने हिसार जिला अदालत से वकालत शुरू की और बाद में Punjab & Haryana High Court में एक जाने-माने अधिवक्ता के तौर पर अपनी पहचान बनाई।

Justice Surya Kant का Advocate से CJI तक का सफर

उनकी कानूनी यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। वर्ष 2000 में वे Advocate General of Haryana बने। 2004 में उन्हें Punjab & Haryana High Court का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। अक्टूबर 2018 में वे Chief Justice, Himachal Pradesh High Court बने। और मई 2019 में उन्होंने Supreme Court Judge के रूप में शपथ ली। आज उसी यात्रा का शिखर है जब उन्होंने Chief Justice of India का पद संभाला।

Justice Surya Kant का महत्वपूर्ण फैसलों में योगदान

Chief Justice Surya Kant उन न्यायाधीशों में हैं जिन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में न्यायिक दृष्टि को नई दिशा दी।
उन्होंने जिन प्रमुख मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनमें शामिल हैं:

• Article 370 Case

Jammu-Kashmir की विशेष स्थिति हटाने से जुड़े मामले में उन्होंने अहम कानूनी दृष्टिकोण रखा।

• Pegasus Spyware Case

इस विवादास्पद मामले में उन्होंने सरकार को “national security” के नाम पर असीमित अधिकार देने से इंकार करते हुए पारदर्शिता पर जोर दिया।

• Women Representation & Gender Justice

महिला प्रतिनिधित्व और न्याय के मामलों में वे कई संवेदनशील फैसलों का हिस्सा रहे हैं।

• One Rank One Pension (OROP)

सैनिकों की पेंशन समानता से जुड़े मामले में उन्होंने स्थिरता और नैतिकता को प्राथमिकता दी।

Justice Surya Kant

Justice Surya Kant का Chief Justice के रूप में प्राथमिकताएँ

Justice Surya Kant का कार्यकाल लगभग 15 महीने का रहेगा। इस दौरान उनकी प्रमुख प्राथमिकताएँ होंगी:

  • Case Pendency Reduction (मुकदमेबाजी में देरी कम करना)
  • Judicial Reforms पर अधिक जोर
  • Technology Integration in Judiciary
  • आम जनता के लिए न्याय प्रणाली को more accessible and transparent बनाना

उनके कार्यकाल से लंबित मामलों में तेजी और न्यायिक ढांचे में बेहतर सुधार की उम्मीद की जा रही है।

भारत की न्यायिक प्रणाली के लिए एक बेहतरीन नेतृत्व

Justice Surya Kant का Chief Justice बनना न केवल उनके अनुभव और क्षमता की पुष्टि है, बल्कि यह उम्मीद भी जगाता है कि आने वाले समय में भारत की न्याय व्यवस्था more efficient, more transparent, और more citizen-centric बनेगी। उनका नेतृत्व Supreme Court में एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है।