भारत ने संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के महान प्रतीक Dr. B. R. Ambedkar के 70वें महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। देशभर में कार्यक्रम, सभाएँ और शांति मार्च आयोजित किए गए, जिनमें लाखों लोगों ने भाग लेकर ‘बाबासाहेब’ की शिक्षाओं और विचारों को याद किया।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नेताओं ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

दिल्ली स्थित Ambedkar स्मृति स्थल और राजघाट पर देश के शीर्ष नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई केंद्रीय मंत्रियों ने ट्वीट और संदेशों के माध्यम से Ambedkar के योगदान को याद किया।
उनका कहना था कि अंबेडकर के विचार आज भी भारत को सामाजिक समानता, शिक्षा और लोकतांत्रिक मजबूती की दिशा में प्रेरित करते हैं।
देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में दिखा एकता का संदेश

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में जनसभाएँ, विचार गोष्ठियाँ और सामाजिक न्याय से जुड़े कार्यक्रम आयोजित हुए। विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अंबेडकर के जीवन पर व्याख्यान हुए, वहीं कई सामाजिक संगठनों ने समानता, शिक्षा और मानवाधिकार के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए यात्राएँ निकालीं।
मुंबई के चैत्यभूमि में जुटी विशाल भीड़
Humble tributes to Babasaheb Ambedkar on his Mahaparinirvan Diwas.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 6, 2025
His timeless legacy of equality, justice and human dignity strengthens my resolve to defend the Constitution and inspires our collective struggle for a more inclusive, compassionate India. pic.twitter.com/TlDNqHDIBT
हर वर्ष की तरह मुंबई के चैत्यभूमि में इस बार भी लाखों अनुयायी पहुँचे। लोग दूर-दूर से Ambedkar की समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि देने आए और पूरा परिसर “जय भीम” के नारों से गूंज उठा। यह स्थल अंबेडकर के प्रति भारत की भावनात्मक जुड़ाव और सम्मान का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।









