Haridwar Ganga Aarti Records Oxford Book of World Records हरिद्वार के हर की पौड़ी पर होने वाली गंगा आरती ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। श्री गंगा सभा द्वारा पिछले 1916 से लगातार सुबह और शाम आयोजित की जा रही यह आरती अब ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गई है। यह सम्मान भारतीय संस्कृति और आस्था की गहराई को दर्शाता है, जो गंगा तट पर सदियों से बसी हुई है।
Haridwar Ganga Aarti Records Oxford Book of World Records इतिहास

हरिद्वार की गंगा आरती की शुरुआत पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। हर की पौड़ी वह स्थान है जहाँ से गंगा नदी पहाड़ों से निकलकर मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है, और यहीं से गंगा आरती की परंपरा शुरू हुई। आरती में पुजारी बड़े-बड़े दीपकों, घंटियों और शंख की ध्वनि के साथ माँ गंगा की स्तुति करते हैं, जबकि श्रद्धालु जल में दीपदान कर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं।
Haridwar Ganga Aarti Records Oxford Book of World Records में शामिल होने का कारण

1916 से अब तक एक दिन भी आरती रुकी नहीं। सुबह और शाम की आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहते हैं। यह परंपरा आस्था, संस्कृति और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण है। गंगा आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह आस्था, अनुशासन और सामूहिकता का प्रतीक है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु इस आरती का हिस्सा बनते हैं और माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
सम्मान समारोह और भविष्य की योजना

ऑगस्ट 2025 में, ऑक्सफोर्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने हरिद्वार पहुँचकर इस उपलब्धि का सम्मान किया। इस मौके पर श्री गंगा सभा के अध्यक्ष पंडित नितिन गौतम और महामंत्री पंडित तन्मय वशिष्ठ को प्रमाणपत्र और मेडल प्रदान किया गया। जून 2026 में, इस रिकॉर्ड का आधिकारिक समारोह ऑक्सफोर्ड यूनियन, लंदन में आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारतीय प्रतिनिधि और विदेशी अतिथि शामिल होंगे।









