Haq film रिलीज़ के बाद से चर्चा में है। इस फिल्म को Shah Bano केस से प्रेरित बताया जा रहा है, जिसने 1980 के दशक में भारत में महिलाओं के अधिकारों और मुस्लिम पर्सनल लॉ पर बड़ी बहस छेड़ी थी। हालांकि फिल्म की सराहना के साथ ही अब विवाद भी सामने आने लगे हैं।
परिवार ने भेजा लीगल नोटिस, कहा—“वास्तविक घटनाओं का गलत चित्रण”

Shah Bano के परिवार ने फिल्म निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। परिवार का आरोप है कि Haq film में घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और निजी पहलुओं को बिना अनुमति के दिखाया गया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि फिल्म का उद्देश्य केवल प्रचार और विवाद बढ़ाना है।
आलोचकों ने की फिल्म की तारीफ, बताया सामाजिक न्याय पर मजबूत बयान

विवादों के बावजूद फिल्म समीक्षकों ने Haq film को एक प्रभावशाली सामाजिक ड्रामा बताया है। कई समीक्षकों का मानना है कि फिल्म ने भारतीय समाज में महिलाओं के अधिकार, तलाक और समानता जैसे अहम मुद्दों को ईमानदारी से उठाया है। सोशल मीडिया पर भी दर्शक कहानी और अभिनय की खूब प्रशंसा कर रहे हैं।
फिल्ममेकर बोले — “हमने संवेदनशीलता के साथ कहानी कही”
Your words have come as a blessing & shall encourage us to work even harder to tell a different story each time .
— Yami Gautam Dhar (@yamigautam) November 5, 2025
Thank you so much, Taran sir 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 https://t.co/D0uSq1CGs3
निर्देशक का कहना है कि Haq film का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। उन्होंने कहा, “हमने वास्तविक घटनाओं से प्रेरणा ली है, लेकिन कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और समाज में जागरूकता लाने के मकसद से बनाई गई है।”









