अमेरिकी संसद ने H1B वीज़ा से जुड़े नियमों में बदलाव का ऐलान किया है। इस नए फैसले को विशेषज्ञ खतरनाक मान रहे हैं क्योंकि इससे लाखों विदेशी प्रोफेशनल्स का भविष्य प्रभावित होगा।
भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स पर सीधा असर

H1B वीज़ा का सबसे ज्यादा उपयोग भारतीय इंजीनियर्स और आईटी एक्सपर्ट्स करते हैं। नए नियमों के बाद अमेरिका में नौकरी पाना अब और मुश्किल हो सकता है, जिससे भारतीय युवाओं को बड़ा झटका लगेगा।
अमेरिकी कंपनियों की चिंता बढ़ी

अमेरिका की टेक कंपनियां भारतीय टैलेंट पर काफी हद तक निर्भर रहती हैं। अगर वीज़ा की सख्ती बढ़ी तो कंपनियों को योग्य कर्मचारियों की कमी झेलनी पड़ सकती है, जिससे उनके प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ेगा।
भारत-अमेरिका रिश्तों पर पड़ सकता है असर
दो दिन पहले तो ख़ूब गलबहिया करके नरेंद्र मोदी और डॉनल्ड ट्रंप हैप्पी बर्थडे टू यू मना रहे थे
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) September 20, 2025
▪️और दो ही दिन बाद अमेरिका ने हिन्दुस्तान पर ऐसा करारा प्रहार किया है – जिससे हमारी अर्थव्यवस्था, हमारी इंडस्ट्री, हमारे युवाओं को तगड़ा झटका लगा है
▪️अमेरिका का H1B वीज़ा की फीस… pic.twitter.com/xVLO3b8W5M
H1B वीज़ा पर लिया गया यह खतरनाक फैसला भारत और अमेरिका के बीच रोजगार और व्यापारिक रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में दोनों देशों की नीतियों पर इसका असर देखने को मिलेगा।









