Google का नया AI मॉडल ‘Nano Banana 2’ लीक सैंपल्स से सामने आया – इमेज टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलाव

Nano Banana 2
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हाल ही में लीक हुए सैंपल्स से गूगल के अगले जेनरेशन AI इमेज मॉडल Nano Banana 2 की झलक सामने आई है। यह मॉडल Gemini 2.5 Flash Image का उन्नत संस्करण माना जा रहा है, जिसे Google DeepMind टीम ने तैयार किया है। यह तकनीक अब पहले से कहीं ज्यादा तेज़, सटीक और रियलिस्टिक फोटो एडिटिंग की क्षमता रखती है। टेक्स्ट-आधारित कमांड से अब किसी भी फोटो का बैकग्राउंड, एक्सप्रेशन या एंगल बदला जा सकता है।

Nano Banana 2 की नई तकनीकी खूबियाँ

Nano Banana 2
  • कैरेक्टर कंसिस्टेंसी: अब व्यक्ति या ऑब्जेक्ट की पहचान हर फ्रेम में एक जैसी रहती है, जिससे फोटो में नेचुरल फील आता है।
  • मल्टी-इमेज मर्जिंग: यूज़र दो या अधिक फोटो को जोड़कर नई इमेज तैयार कर सकता है।
  • AI-आधारित लाइटिंग और टेक्स्चर सेंसिंग: मॉडल अपने-आप फोटो की लाइट, शैडो और रंग संतुलन को एडजस्ट करता है।
  • रियल-वर्ल्ड अंडरस्टैंडिंग: अब मॉडल लोकेशन और संदर्भ के अनुसार ज्यादा यथार्थपूर्ण परिणाम देता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए लीक सैंपल्स

Nano Banana 2

कुछ AI उत्साहियों ने ट्विटर और Reddit पर Nano Banana 2 के सैंपल इमेजेज़ साझा किए, जिनमें लोगों ने खुद की तस्वीरों को 3D मिनिएचर स्टाइल, फैंटेसी वर्ल्ड और मूवी कैरेक्टर एडिट्स में बदलते देखा। इन इमेजेज़ की क्वालिटी इतनी वास्तविक है कि कई उपयोगकर्ता उन्हें असली फोटोग्राफी समझ बैठे। इससे गूगल के इस नए मॉडल को लेकर उत्साह और उत्सुकता दोनों बढ़ी है।

सुरक्षा, नीति और भविष्य की दिशा

Google ने बताया कि Nano Banana 2 से बनी हर तस्वीर में SynthID वॉटरमार्क होगा, जिससे AI-जनरेटेड इमेज को पहचाना जा सके। यह कदम डीपफेक और फेक न्यूज़ पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल आने वाले समय में फिल्म, विज्ञापन, गेमिंग और डिज़ाइन इंडस्ट्री में क्रांति ला सकता है।