IFFI 2025 के मंच पर Farhan Akhtar ने अपनी फिल्म 120 Bahadur को एक साधारण war drama नहीं, बल्कि एक ऐसे tribute के रूप में वर्णित किया, जो उन सैनिकों की अमर शहादत को समर्पित है जिन्होंने 1962 की Battle of Rezang La में देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि इन वीरों की कहानी समय की दरारों में खोनी नहीं चाहिए और यह फिल्म उनकी historical legacy को फिर से जीवित करने का प्रयास है।

Rezang La Battle की Valor और Real Heroes की कहानी
यह फिल्म 120 सैनिकों की असाधारण valor, courage, और unbreakable spirit को दर्शाती है। Farhan Akhtar, फिल्म में Major Shaitan Singh Bhati का किरदार निभा रहे हैं, जिनके नेतृत्व में चार्ली कंपनी ने हज़ारों दुश्मनों के सामने अद्भुत बहादुरी दिखाई। यह कहानी देश की उस forgotten bravery को दिखाती है जिसे इतिहास में अक्सर पर्याप्त स्थान नहीं मिलता।
Extreme Conditions में Shooting और Authentic War Experience
फिल्म की टीम ने इस प्रोजेक्ट में authenticity को प्राथमिकता देते हुए लद्दाख की कठोर ठंड में शूटिंग की। फरहान अख्तर ने minus temperature, तेज हवाओं और कठिन लोकेशन में शूट अनुभव को “the most challenging yet inspiring experience” बताया। इससे फिल्म को एक realistic war zone atmosphere मिलता है, जो दर्शकों को युद्ध की वास्तविकता से रूबरू कराता है।
National Pride और Patriotic Cinema का Perfect Blend
120 Bahadur सिर्फ एक patriotic cinema नहीं, बल्कि यह उन परिवारों, रेजिमेंट्स और सैनिकों की emotionally charged legacy को भी दर्शाती है जिनका योगदान हमेशा याद किया जाना चाहिए। फरहान अख्तर ने कहा कि यह फिल्म भारत के उन सैनिकों के लिए है जिनके बलिदान को mainstream storytelling में अक्सर नजरअंदाज़ कर दिया जाता है।

Controversy Over Title और Community Sentiments
फिल्म के शीर्षक “120 Bahadur” पर कुछ समुदायों ने आपत्ति जताई थी और इसे बदलने की मांग की थी। परंतु फरहान अख्तर का स्पष्ट कहना था कि फिल्म का मकसद केवळ किसी एक समुदाय का बखान करना नहीं, बल्कि हर उस जवान को सम्मान देना है जिसने Rezang La में अपना ultimate sacrifice दिया।
A Film That Preserves India’s Military Legacy
Farhan Akhtar ने IFFI में यह भी कहा कि यह फिल्म भारत की military heritage, national pride, और unmatched heroism को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएगी। उनके अनुसार, इस फिल्म को देखना “a reminder of what true heroism looks like” होगा — ऐसा हीरोइज़्म जिसे कभी भी भुलाया नहीं जाना चाहिए।









