Google DeepMind की डॉक्यूमेंट्री ‘The Thinking Game’ ने रिलीज़ के सिर्फ चार हफ्तों में ही 214 मिलियन व्यूज़ हासिल कर लिए हैं। यह उपलब्धि किसी भी साइंस या टेक्नोलॉजी आधारित डॉक्यूमेंट्री के लिए बेहद असाधारण मानी जा रही है। AI और भविष्य की तकनीक में बढ़ती रुचि को यह सफलता साफ दर्शाती है।
क्या है ‘The Thinking Game’ डॉक्यूमेंट्री?

‘The Thinking Game’ एक फीचर-लेंथ डॉक्यूमेंट्री है, जिसे Google DeepMind ने फ्री में YouTube पर रिलीज़ किया है। यह फिल्म DeepMind के अंदर हो रहे शोध, वैज्ञानिक सोच और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास की यात्रा को बेहद सरल और रोचक तरीके से दिखाती है। डॉक्यूमेंट्री को बनाने में करीब 5 साल का समय लगा है।
AlphaFold और AI क्रांति की कहानी

इस डॉक्यूमेंट्री का सबसे बड़ा आकर्षण AlphaFold प्रोजेक्ट है, जिसने प्रोटीन फोल्डिंग जैसी 50 साल पुरानी वैज्ञानिक समस्या का समाधान किया। यही खोज आगे चलकर नॉबेल पुरस्कार तक पहुँची। फिल्म में बताया गया है कि कैसे AI न केवल टेक्नोलॉजी, बल्कि मेडिकल और साइंटिफिक रिसर्च की दिशा बदल रहा है।
क्यों बना यह डॉक्यूमेंट्री इतनी लोकप्रिय?
The most moving part of the documentary was when you realized the collective horsepower in a single room, all being ‘wasted’ on a game of chess.
— Ankur Warikoo (@warikoo) December 30, 2025
I found myself saying – Dennis must not spend a single second of his life arguing or thinking about pointless things, or comparing… https://t.co/oZwFRwRp2A
‘The Thinking Game’ की लोकप्रियता का कारण इसका मानवीय दृष्टिकोण, आसान भाषा और रियल-लाइफ वैज्ञानिक संघर्ष हैं। यह डॉक्यूमेंट्री सिर्फ टेक एक्सपर्ट्स के लिए नहीं, बल्कि आम दर्शकों को भी AI की दुनिया से जोड़ती है। यही वजह है कि चार हफ्तों में ही यह 200 मिलियन से ज्यादा लोगों तक पहुँच गई।









