अमेरिकी क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase ने लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद भारत में नए यूज़र साइन-अप दोबारा शुरू कर दिए हैं। 2023 से यह सुविधा बंद थी, लेकिन अब प्लेटफॉर्म ने भारतीय बाजार में नई रणनीति के साथ एंट्री ली है, जिससे क्रिप्टो निवेशकों में एक बार फिर उत्साह देखा जा रहा है।
भारतीय यूजर्स के लिए उपलब्ध नई सुविधाएँ

Coinbase ने फिलहाल भारतीय यूज़र्स को क्रिप्टो-टू-क्रिप्टो ट्रेडिंग की सुविधा दी है। यानी यूज़र अभी सीधे INR से क्रिप्टो नहीं खरीद सकते, लेकिन अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी के बीच ट्रेडिंग कर सकेंगे। कंपनी ने बताया कि आने वाले समय में भारतीय यूज़र्स के लिए और भी फीचर्स जोड़े जाएंगे।
2026 तक मिलने की उम्मीद: फिएट ऑन-रैम्प सुविधा

Coinbase ने घोषणा की है कि वह 2026 तक “फिएट ऑन-रैम्प” शुरू करने की योजना पर काम कर रही है, जिससे भारतीय यूज़र्स रुपए (INR) में सीधे क्रिप्टो खरीद सकेंगे। यह सुविधा शुरू होने के बाद भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग और आसान होगी और नए निवेशकों की संख्या बढ़ सकती है।
क्यों बंद हुए थे साइन-अप और अब क्या बदला
LATEST: COINBASE has started letting 🇮🇳INDIAN users Sign Up again after more than 2 years and will add a fiat on-ramp NEXT year.
— Kashif Raza (@simplykashif) December 8, 2025
-> Coinbase had launched in 2022, but UPI support was blocked after NPCI refused to acknowledge them.
-> In 2023, Coinbase fully off-boarded Indian… pic.twitter.com/wmcByCRDjv
पहले Coinbase को भारत में UPI सपोर्ट से जुड़ी अनुपालन चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण नए अकाउंट रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए गए थे। अब कंपनी FIU-IND के साथ पंजीकृत हो चुकी है और नियामकीय प्रक्रियाओं के अनुरूप सेवाओं को फिर से शुरू कर रही है। इससे सरकारी निगरानी और पारदर्शिता दोनों मजबूत होंगे।









