CJI BR Gavai पर वकील Rakesh Kishore ने फेंका जूता, विष्णु मूर्ति टिप्पणी पर मचा हंगामा

Rakesh Kishore
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6 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब अधिवक्ता Rakesh Kishore ने मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की। यह घटना उस वक्त हुई जब अदालत में सुनवाई जारी थी। बताया जा रहा है कि यह कदम उन्होंने CJI द्वारा विष्णु मूर्ति पुनर्निर्माण मामले पर दिए गए कथित बयान के विरोध में उठाया।

CJI गवई के बयान पर उठे धार्मिक सवाल

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दरअसल, खजुराहो स्थित एक विष्णु मूर्ति के पुनर्निर्माण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान CJI बी. आर. गवई ने कहा था – “जाइए, भगवान विष्णु से ही कहिए कि वो खुद कुछ करें”। इस टिप्पणी को कई लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया। इसी को लेकर वकील Rakesh Kishore ने कोर्ट में विरोध जताया, जो बाद में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया।

बार काउंसिल ने की सख्त कार्रवाई

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इस घटना के तुरंत बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने राकेश किशोर का वकालत लाइसेंस निलंबित कर दिया। BCI ने इसे “न्यायालय की गरिमा के खिलाफ अस्वीकार्य आचरण” बताया और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, कानूनी समुदाय ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।

राकेश किशोर बोले – “मुझे कोई पछतावा नहीं”

घटना के बाद मीडिया से बातचीत में Rakesh Kishore ने कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने इसे “भगवान विष्णु के अपमान के खिलाफ धार्मिक विरोध” बताया। वहीं, CJI गवई ने बाद में अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और किसी की भावना आहत करने का उनका कोई इरादा नहीं था।