Chin support india हाल ही में अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का आयात शुल्क (टैरिफ) लगा दिया। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। भारत ने इस कदम को अनुचित और वैश्विक व्यापार नियमों के खिलाफ बताया। इसी बीच, चीन ने भी इस मुद्दे पर खुलकर भारत का समर्थन किया और अमेरिका की आलोचना की।

Chin support india चीन का स्पष्ट रुख
Chin support india चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उनका “टैरिफ के दुरुपयोग” को लेकर विरोध हमेशा से स्पष्ट और स्थायी रहा है। उनका मानना है कि इस तरह के ऊंचे शुल्क लगाना न केवल दो देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि वैश्विक आर्थिक संतुलन को भी बिगाड़ता है।

ब्राज़ील के साथ साझा चिंता
चीन ने यह मुद्दा केवल भारत तक सीमित नहीं रखा। उसने ब्राज़ील के साथ भी अपनी चिंता साझा की, क्योंकि ब्राज़ील पर भी इसी तरह के अमेरिकी टैरिफ लगाए गए हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने ब्राज़ील के विदेश नीति सलाहकार से बातचीत में कहा कि इस तरह की नीतियां संयुक्त राष्ट्र चार्टर और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के खिलाफ हैं।

वैश्विक राजनीति और रणनीति
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम केवल Chin support india के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका की आर्थिक नीतियों को चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा भी है। भारत और चीन के बीच भले ही कई मुद्दों पर मतभेद हों, लेकिन जब बात वैश्विक व्यापारिक दबाव का सामना करने की हो, तो दोनों देश एक साथ खड़े दिखाई दे सकते हैं।









