Banswara gold mine, राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िले के घाटोल तहसील स्थित भूकिया-जगपुरा क्षेत्र में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey) ने लगभग 113.52 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क की पहचान की है। रिपोर्ट के अनुसार इस अयस्क से लगभग 222.39 टन शुद्ध सोना मिलने की संभावना है। इस खोज ने पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल बना दिया है क्योंकि यह राजस्थान को भारत का चौथा स्वर्ण उत्पादक राज्य बना सकता है।
भूकिया-जगपुरा क्षेत्र में अन्य खनिजों की भी भरमार

Banswara gold mine, सोने के साथ-साथ इस क्षेत्र में अन्य कीमती धातुएँ भी मिली हैं। भूवैज्ञानिकों का कहना है कि यहाँ लगभग 1.74 लाख टन तांबा, 9,700 टन निकल और 13,500 टन कोबाल्ट के भंडार भी मौजूद हैं। यह खोज राजस्थान के खनिज उद्योग के लिए नई संभावनाएँ खोल रही है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिल सकता है।
सरकार की तैयारी – जल्द शुरू होगा स्वर्ण खनन

Banswara gold mine, राज्य सरकार ने इस क्षेत्र की माइनिंग ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है। शुरुआती चरण में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर खनन लाइसेंस देने की प्रक्रिया आरंभ होगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अभी इस खोज को वाणिज्यिक खनन के स्तर तक पहुँचने में समय लगेगा, क्योंकि अयस्क की गुणवत्ता और पर्यावरणीय मंज़ूरी जैसे कई चरण बाकी हैं।
भारत की स्वर्ण जरूरतों को कर सकता है पूरा
Mining Sector ⚡
— Stock Market Scientist™ (@MarketScientist) October 25, 2025
Very Big News 🔥🔥
A massive GOLD mine has been discovered in Rajasthan's Banswara.
The mine is estimated to contain over 110 million tons of ore, including 222 tons of pure gold 🔥
Mining has a potential to meet 25% of India's gold demand. pic.twitter.com/ibTqiJgH2o
अगर यह खनन परियोजना सफल रही तो बांसवाड़ा का यह सोना भारत की कुल स्वर्ण मांग का लगभग 25% तक पूरा कर सकता है। स्थानीय रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास के साथ-साथ यह खोज देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा वरदान साबित हो सकती है। राजस्थान सरकार का कहना है कि यह परियोजना राज्य को “खनन महाशक्ति” बनाने की दिशा में अहम कदम है।









