बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया, जिस पर उठे सवालों का जवाब देते हुए Amit Shah ने कहा कि पार्टी धर्म नहीं, बल्कि योग्यता और कार्य के आधार पर उम्मीदवार चुनती है। भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है।
“उम्मीदवारी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर” — अमित शाह

Amit Shah ने स्पष्ट किया कि भाजपा में उम्मीदवारों का चयन धर्म नहीं, बल्कि संगठन के प्रति योगदान, लोकप्रियता और काम के आधार पर किया जाता है। उन्होंने कहा, “हम किसी को धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि उसके कार्य और समर्पण के आधार पर आगे बढ़ाते हैं।” शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे धार्मिक राजनीति करके समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
विपक्ष का आरोप — “भाजपा कर रही है धार्मिक ध्रुवीकरण”

कांग्रेस और राजद (RJD) जैसे विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट न देना धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति है। विपक्ष का दावा है कि भाजपा जानबूझकर मुस्लिम वोट बैंक से दूरी बना रही है ताकि चुनावी फायदा लिया जा सके।
भाजपा का जवाब — “हर वर्ग के लिए काम कर रही है सरकार”
🚨 BOLD STATEMENT 🚨
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) November 4, 2025
Anjana Om Kashyap: “Why didn’t you give a ticket to any Muslim candidate in the Bihar elections?”
Amit Shah: “This isn’t the FIRST time we haven’t… when they don’t VOTE for us, why should we GIVE tickets?” pic.twitter.com/iCNQYRTWXQ
भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी और केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई हैं — जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, और स्टार्टअप इंडिया। Amit Shah ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य किसी समुदाय को अलग करना नहीं, बल्कि समग्र विकास सुनिश्चित करना है।









