महज 14 वर्ष की उम्र में क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचाने वाले Vaibhav Suryavanshi को भारत के सर्वोच्च बाल सम्मान से नवाजा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना वैभव की असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है।
राष्ट्रपति भवन में सम्मान, देशभर में गर्व का माहौल

सम्मान समारोह के दौरान देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया, जिसमें Vaibhav Suryavanshi सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल रहे। राष्ट्रपति ने वैभव की मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें आने वाले समय का प्रेरणास्रोत बताया।
क्रिकेट मैदान पर रिकॉर्ड, पुरस्कार के पीछे की कहानी

Vaibhav Suryavanshi सिर्फ सम्मान की वजह से ही चर्चा में नहीं हैं, बल्कि उनके रिकॉर्डतोड़ क्रिकेट प्रदर्शन ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। हाल ही में उन्होंने घरेलू क्रिकेट में विस्फोटक पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और आत्मविश्वास ने चयनकर्ताओं और फैंस को खासा प्रभावित किया है।
बिहार से राष्ट्रीय पहचान तक, उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद
Vaibhav Suryavanshi felicitated with the national child award by the President of India.
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) December 26, 2025
– Vaibhav achieving greatness at 14. 👏 pic.twitter.com/gpVzGoRl6Y
बिहार जैसे राज्य से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना Vaibhav Suryavanshi के संघर्ष और प्रतिभा की मिसाल है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उन्हें सही मार्गदर्शन और निरंतर मौके मिले, तो आने वाले वर्षों में वे भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।









