हॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर James Cameron अब अपनी मेगा फ्रेंचाइज़ी ‘Avatar’ के अगले सीक्वल्स को तेजी से बनाने के लिए Ethical AI (नैतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं। उनका मानना है कि सही और जिम्मेदार तरीके से AI का उपयोग फिल्ममेकिंग की रफ्तार बढ़ा सकता है।
AI से कैसे बदलेगा Avatar फिल्मों का प्रोडक्शन प्रोसेस

James Cameron के अनुसार, AI का इस्तेमाल VFX, एनिमेशन और पोस्ट-प्रोडक्शन जैसे समय लेने वाले कामों में किया जा सकता है। इससे न सिर्फ लागत कम होगी, बल्कि फिल्मों को तय समय में पूरा करना भी आसान हो जाएगा। हालांकि, वे साफ कर चुके हैं कि AI इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि क्रिएटिव टीम की मदद करेगा।
Ethical AI पर क्यों दे रहे हैं खास जोर

James Cameron ने AI के इस्तेमाल में नैतिकता और पारदर्शिता को बेहद जरूरी बताया है। उनका कहना है कि AI का उपयोग इस तरह होना चाहिए कि कलाकारों, राइटर्स और टेक्निशियंस के अधिकारों पर असर न पड़े। वे ऐसे AI टूल्स चाहते हैं जो मानव रचनात्मकता का सम्मान करें और कॉपीराइट जैसे मुद्दों से दूर रहें।
Avatar सीरीज के भविष्य पर क्या पड़ेगा असर
I don’t care who it is, I don’t trust a billionaire to do the right thing morally. https://t.co/St1T4zcVbf
— Rolo Tony (@PoorOldRoloTony) December 23, 2025
अगर Ethical AI को सफलतापूर्वक अपनाया गया, तो आने वाली Avatar सीक्वल्स पहले से ज्यादा तेजी से सिनेमाघरों तक पहुंच सकती हैं। इससे फैंस को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी और टेक्नोलॉजी व सिनेमा का नया मेल देखने को मिलेगा। जेम्स कैमरून की यह सोच भविष्य की फिल्ममेकिंग की दिशा तय कर सकती है।









