भारत की प्रमुख स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों में से एक JioStar ने क्रिकेट की दुनिया में हलचल मचा दी है। कंपनी reportedly 3 बिलियन डॉलर की ICC rights deal से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है। भारी वित्तीय नुकसान और लगातार बढ़ते खर्चों के चलते यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
भारी नुकसान: ICC rights deal क्यों बनी बोझ?

जानकारी के अनुसार, JioStar को ICC मैचों के प्रसारण पर उम्मीद के मुताबिक विज्ञापन राजस्व नहीं मिला।
- विज्ञापन बाजार में गिरावट
- स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लागत
- और क्रिकेट कंटेंट पर अत्यधिक निवेश
इन वजहों से कंपनी को बड़े पैमाने पर आर्थिक झटका लगा है।
ICC से एग्ज़िट की प्रक्रिया: आगे क्या?

यदि JioStar आधिकारिक रूप से ICC rights deal छोड़ देता है, तो ICC को अपने मीडिया राइट्स नए ब्रॉडकास्टर्स को बेचने होंगे। इससे
- प्रसारण बाजार में उथल-पुथल
- क्रिकेट इवेंट्स की नई बोली प्रक्रिया
- और दर्शकों के लिए नए प्लेटफॉर्म
जैसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला वैश्विक स्पोर्ट्स मीडिया लैंडस्केप को प्रभावित करेगा।
स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में बढ़ी चिंता और चर्चाएँ
🚨 JIOSTAR WANTS AN EXIT FROM ICC MEDIA RIGHTS DEAL. 🚨
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) December 8, 2025
– Jio has informed ICC that they don’t want to continue as the streaming partner after facing 25,760cr financial loss in 2024-25. (Economic Times). pic.twitter.com/gjbWtaRJVf
JioStar के इस कदम ने स्पोर्ट्स बिजनेस जगत में बड़ी बहस छेड़ दी है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े निवेश वाले स्पोर्ट्स राइट्स अब पहले जितने लाभदायक नहीं रहे। वहीं दूसरी ओर कुछ ब्रॉडकास्टिंग कंपनियाँ इस स्थिति को नए अवसर के रूप में देख रही हैं।









