भारत के UPI इकोसिस्टम में PhonePe और Google Pay का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दोनों ऐप्स मिलकर देश के कुल UPI लेन-देन का 84% से अधिक हिस्सा नियंत्रित कर रहे हैं। इससे साफ है कि डिजिटल पेमेंट की दुनिया में उपयोगकर्ता इन दो ऐप्स पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।
क्यों है इन ऐप्स का इतना बड़ा मार्केट शेयर?

PhonePe और Google Pay ने आसान इंटरफेस, तेज़ ट्रांजैक्शन, और भरोसेमंद सेवा के जरिए आम यूज़र और मर्चेंट दोनों का विश्वास जीता है। ज्यादातर दुकानदार, पेट्रोल पंप, ऑनलाइन सेवाएं और छोटे व्यवसाय भी इन दोनों प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता देते हैं, जिससे ट्रांजैक्शन वॉल्यूम तेजी से बढ़ा है।
प्रतियोगिता में अन्य UPI ऐप्स की कठिन चुनौती

हालाँकि Paytm, Amazon Pay और अन्य बैंक-आधारित UPI ऐप्स भी मार्केट में सक्रिय हैं, लेकिन PhonePe–GPay की भारी लोकप्रियता के सामने उनकी हिस्सेदारी बेहद कम है। मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि दो ऐप्स का इतना बड़ा दबदबा प्रतियोगिता और नवाचार को सीमित कर सकता है।
भविष्य में क्या बदल सकता है?
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— Piyush Bodaa (@piyushbodaa) December 7, 2025
NPCI पहले ही सुझाव दे चुका है कि किसी एक UPI ऐप की मार्केट हिस्सेदारी 30% से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर यह नियम लागू होता है, तो PhonePe और Google Pay को अपने हिस्से में कमी देखनी पड़ सकती है और नए-उभरते UPI ऐप्स को बड़ा मौका मिल सकता है। आने वाले समय में UPI मार्केट और अधिक संतुलित हो सकता है।









