Supriya Sule ने लोकसभा में Right to Disconnect Bill पेश किया

Right to Disconnect Bill
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सांसद Supriya Sule ने लोकसभा में Right to Disconnect Bill पेश कर देश में कामकाजी लोगों के बीच चर्चा का नया विषय खड़ा कर दिया। इस बिल का उद्देश्य कर्मचारियों को नौकरी के घंटों के बाद फोन कॉल, ईमेल और ऑफिस मैसेज से राहत दिलाना है।

कर्मचारियों पर बढ़ते डिजिटल दबाव को लेकर चिंता

Right to Disconnect Bill

Supriya Sule ने सदन में कहा कि डिजिटल युग में निरंतर उपलब्ध रहने का दबाव कर्मचारियों की मानसिक सेहत, सामाजिक जीवन और उत्पादकता पर नकारात्मक असर डाल रहा है। उन्होंने बताया कि कई देशों में पहले से ऐसे कानून लागू हैं, इसलिए भारत को भी इस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।

कंपनियों के लिए निर्धारित होंगे स्पष्ट नियम

Right to Disconnect Bill

Right to Disconnect Bill के अनुसार, कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए ‘ऑफ-ड्यूटी’ समय तय करना होगा। इस दौरान कर्मचारी कार्य-संबंधी ईमेल या कॉल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं होंगे। इससे कर्मचारियों को आराम, परिवार के साथ समय और मानसिक शांति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

कॉर्पोरेट जगत और कर्मचारियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया

Right to Disconnect Bill को कर्मचारियों संगठनों ने सकारात्मक बताया, जबकि कुछ उद्योग संगठनों ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लचीलापन जरूरी है। इसके बावजूद बहस का केंद्र यही रहा कि स्वस्थ कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना अब भारत में समय की मांग है।