दक्षिण अफ्रीका के Johannesburg में G20 Summit की शुरुआत हो गई है, जहां दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ एक मंच पर जुटी हैं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत पारंपरिक अफ्रीकी संस्कृति के साथ किया गया। यह समिट वैश्विक मुद्दों पर निर्णायक कदम उठाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिका के बहिष्कार ने बढ़ाई वैश्विक हलचल

इस बार G20 Summit में अमेरिका का आधिकारिक रूप से शामिल न होना चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। अमेरिकी बहिष्कार को कई विशेषज्ञ भू-राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। अमेरिका की गैर-मौजूदगी के बावजूद अन्य देशों ने संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु और सुरक्षा पर महत्वपूर्ण वार्ताएँ

G20 Summit में सदस्य देश वैश्विक मंदी से निपटने, जलवायु परिवर्तन को रोकने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और खाद्य-सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता और व्यापार संतुलन भी इस बार एजेंडा में प्रमुख विषय हैं। कई देशों ने बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
कूटनीतिक मुलाकातें और संभावित बड़े फैसलों पर नजर
Yesterday’s proceedings at the G20 Summit in Johannesburg were fruitful. I took part in two sessions and shared my views on key issues. Also had productive meetings with many world leaders. Watch the highlights… pic.twitter.com/l8EsjxsyRO
— Narendra Modi (@narendramodi) November 23, 2025
समिट के दौरान कई द्विपक्षीय मुलाकातों की भी उम्मीद है, जहां देशों के नेता आपसी संबंधों को मजबूती देने पर बात करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि समिट के अंत तक कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ, आर्थिक पैकेज और जलवायु समाधान सामने आ सकते हैं। दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि समिट से क्या ठोस नतीजे निकलते हैं।









