टीम इंडिया के मुख्य कोच Gautam Gambhir ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में मिली हार के बाद खिलाड़ियों को स्पष्ट संदेश दिया है — “हार का जश्न नहीं, उससे सबक लो।” गंभीर ने टीम में ऐसी मानसिकता विकसित करने की बात कही है, जिसमें हर मैच को सीख और सुधार का मौका माना जाएगा। उनका मानना है कि टीम तभी आगे बढ़ेगी जब हर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी समझे और हार का बहाना बनाने की बजाय आत्मविश्लेषण करे।
नई चयन नीति और बेंच स्ट्रेंथ पर फोकस

Gautam Gambhir ने अपने दीर्घकालिक रोडमैप के तहत सभी प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) के लिए नई चयन रणनीति तैयार की है। वे अब टीम इंडिया ‘ए’ के साथ विदेशी दौरों पर जाएंगे ताकि संभावित खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर नजर रख सकें। उनका लक्ष्य है कि आने वाले टूर्नामेंट जैसे 2026 टी20 वर्ल्ड कप और 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार की जाए।
गेंदबाजों पर होगा विशेष जोर

Gautam Gambhir ने कहा है कि “बल्लेबाज मैच जिताते हैं, लेकिन गेंदबाज टूर्नामेंट।” इस विचार के साथ अब टीम की रणनीति में गेंदबाजी इकाई को प्राथमिकता दी जाएगी। मिडिल ओवर्स में विकेट लेने की क्षमता और डेथ ओवर्स में नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए नए प्लान तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा, फील्डिंग और फिटनेस पर भी सख्त मानक लागू किए जाएंगे।
‘स्टार कल्चर’ का अंत और अनुशासन की वापसी
𝐇𝐨𝐧𝐞𝐬𝐭𝐲. 𝐂𝐥𝐚𝐫𝐢𝐭𝐲. 𝐃𝐢𝐫𝐞𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧 🫡
— BCCI (@BCCI) November 10, 2025
Get inside the mind of #TeamIndia Head Coach @GautamGambhir as he shares his vision in 𝘾𝙤𝙖𝙘𝙝’𝙨 𝘾𝙤𝙧𝙣𝙚𝙧. 🙌
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Gautam Gambhir का उद्देश्य टीम में मौजूद तथाकथित ‘स्टार कल्चर’ को खत्म कर हर खिलाड़ी को एक समान जिम्मेदारी देना है। उन्होंने खिलाड़ियों को साफ चेतावनी दी है कि टीम से ऊपर कोई नहीं। प्रदर्शन और अनुशासन दोनों ही चयन के अहम पैमाने होंगे। साथ ही, उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में टीम इंडिया के खेल में नई ऊर्जा और सामूहिक आत्मविश्वास देखने को मिलेगा।









