भारत की सुप्रीम कोर्ट ने Air India Flight 171 क्रैश केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि पायलट को दोषी ठहराने का कोई ठोस आधार नहीं है। अदालत ने कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पायलट की गलती बताना “गैर-जिम्मेदाराना और असंवेदनशील” कदम था। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को दोषी साबित करने से पहले पूरी, निष्पक्ष और तकनीकी जांच ज़रूरी है।
क्या था Air India Flight 171 क्रैश हादसा?

12 जून 2025 को Air India Flight 171 अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी, लेकिन उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी के चलते विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में करीब 260 लोगों की मौत हुई, जिनमें यात्रियों, क्रू-मेंबर्स और ज़मीन पर मौजूद लोग शामिल थे। प्रारंभिक रिपोर्ट में यह कहा गया कि विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच अचानक “RUN” से “CUTOFF” मोड में चले गए, जिससे इंजन फेल हो गया और विमान नियंत्रण खो बैठा।
अदालत का रुख — ‘बिना पूरी जांच के निष्कर्ष नहीं’

सुप्रीम कोर्ट ने पायलट के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी जांच रिपोर्ट में अधूरी जानकारी के आधार पर पायलट को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने केंद्र सरकार और विमानन नियामक DGCA को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है और कहा कि पायलटों की प्रतिष्ठा और परिवार की भावनाओं का सम्मान ज़रूरी है। सुप्रीम कोर्ट का यह बयान न सिर्फ़ पायलट समुदाय के लिए राहतभरा है, बल्कि यह विमानन सुरक्षा जांचों की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठाता है।
क्यों यह मामला भारत की एविएशन इंडस्ट्री के लिए अहम है?
BIG BREAKING 🚨 Supreme Court says Pilot cannot be blamed in the AI171 crash probe.
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) November 7, 2025
SC : "We 142 crore Indians don't believe the blame has to go to the pilot"
Last Message of Pilot Sumit Sabharwal :
"MAYDAY… MAYDAY… MAYDAY… NO POWER… NO THRUST… GOING DOWN…"
He had… pic.twitter.com/hgkBeWbkKU
Air India Flight 171 का यह मामला भारत में विमानन सुरक्षा और जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए एक मिसाल बन सकता है। अगर अदालत के निर्देशों के बाद जांच फिर से निष्पक्ष रूप से होती है, तो इससे भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी। पायलट यूनियनों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा कि यह फैसला “सत्य और न्याय के पक्ष में एक मजबूत कदम” है।









