Adarsh Hiremath और Surya Midha दो भारतीय मूल के युवा दोनों 22 वर्षीय स्कूली दोस्त — अपनी Mercor AI startup के ज़रिए दुनिया के सबसे युवा स्वनिर्मित (self-made) अरबपति बन गए हैं। इन दोनों के साथ उनके तीसरे साथी ब्रेंडन फूडी (Brendan Foody) भी कंपनी के सह-संस्थापक हैं।
सिलिकॉन वैली में शुरू की Mercor AI startup, 10 अरब डॉलर की हुई वैल्यूएशन

तीनों दोस्तों ने सिलिकॉन वैली में Mercor AI startup भर्ती (recruitment) प्लेटफ़ॉर्म की स्थापना की। कंपनी ने हाल ही में 350 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है, जिससे इसकी वैल्यूएशन 10 अरब डॉलर तक पहुंच गई। इस फंडिंग के बाद तीनों की व्यक्तिगत हिस्सेदारी उन्हें अरबपतियों की सूची में ले आई है।
मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ा, नई पीढ़ी के लिए बनी मिसाल

इन भारतीय मूल के युवाओं ने मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो 23 वर्ष की उम्र में अरबपति बने थे। अब Hiremath और Midha केवल 22 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। उनकी सफलता ने यह साबित किया है कि सही आइडिया, मेहनत और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल किसी भी उम्र में सफलता दिला सकता है।
परिवार की जड़ें भारत से, लेकिन सोच ग्लोबल
At 22, Indian-origin school friends Adarsh Hiremath and Surya Midha, along with Brendan Foody, became the world's youngest self-made billionaires after their AI recruiting startup Mercor raised $350 million, valuing the company at $10 billion. They surpassed Meta CEO Mark… pic.twitter.com/CAlnEOIL0O
— IndiaToday (@IndiaToday) November 3, 2025
आदर्श हिरेमठ और सूर्या मिधा दोनों के परिवारों की जड़ें भारत से जुड़ी हैं — एक का परिवार नई दिल्ली से और दूसरे का कर्नाटक से है। दोनों ने अमेरिका के सैन जोस (San Jose) में पढ़ाई की और वहीं से अपने सपने की शुरुआत की। आज उनकी कंपनी दुनियाभर में AI आधारित टैलेंट मैचिंग और रिक्रूटमेंट का भविष्य बदल रही है।









