General Upendra Dwivedi ने दी चेतावनी: “दुनिया में तेजी से बढ़ रहे खतरे”

General Upendra Dwivedi
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भारतीय थलसेना प्रमुख General Upendra Dwivedi ने वैश्विक सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि आज दुनिया “तेजी से बदलते खतरों” के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि नए जमाने के युद्ध अब सिर्फ जमीन, समुद्र या आसमान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अब साइबर, स्पेस और इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर भी इसमें शामिल हैं। द्विवेदी ने यह भी कहा कि दुनिया में अस्थिरता और अनिश्चितता इतनी बढ़ चुकी है कि किसी भी देश या नेता की अगली चाल का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है।

Donald Trump को भी नहीं पता कल क्या होगा — अनिश्चितता का प्रतीक बताया

General Upendra Dwivedi

अपने बयान में General Upendra Dwivedi ने एक उदाहरण देते हुए कहा,“Donald Trump आज क्या कर रहे हैं, शायद उन्हें खुद भी नहीं पता कि कल क्या करेंगे।” उन्होंने यह बात वैश्विक अस्थिरता और अनिश्चितता (Uncertainty) को समझाने के लिए कही। उनके अनुसार, आज का दौर “VUCA” यानी Volatility, Uncertainty, Complexity और Ambiguity से भरा हुआ है, जहां रणनीतियाँ तेजी से बदल रही हैं और नई चुनौतियाँ हर दिन सामने आ रही हैं।

भारत को मल्टी-डोमेन युद्ध के लिए रहना होगा तैयार

General Upendra Dwivedi

General Upendra Dwivedi ने कहा कि भारत को अब केवल पारंपरिक युद्ध नहीं, बल्कि मल्टी-डोमेन वॉरफेयर (Multi-Domain Warfare) के लिए भी तैयार रहना होगा। इसमें साइबर अटैक, फेक न्यूज़, ड्रोन हमले और प्रॉक्सी वॉर जैसे आधुनिक खतरे शामिल हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय सेना को रियल-टाइम इंटेलिजेंस, टेक्नोलॉजी आधारित रणनीति और तेज निर्णय क्षमता के साथ आगे बढ़ना होगा। इसके साथ ही, उन्होंने देश के युवाओं से भी आग्रह किया कि वे तकनीकी और साइबर सुरक्षा में योगदान दें ताकि भारत आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति बन सके।

आत्मनिर्भर भारत और आधुनिक सेना का विज़न, General Upendra Dwivedi

General Upendra Dwivedi ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता अब Atmanirbhar Bharat के तहत खुद की रक्षा क्षमताओं को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारतीय सेना को AI, ड्रोन, सैटेलाइट नेटवर्क और साइबर सिस्टम्स से और मजबूत किया जाएगा। भारत अब सिर्फ रक्षात्मक नहीं बल्कि प्रोएक्टिव (Proactive) स्ट्रैटेजी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ताकि किसी भी खतरे का समय पर जवाब दिया जा सके।