Trump warning India : रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया तो भारत पर लगेंगे भारी टैरिफ

Trump warning
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत को Trump warning दी है कि अगर उसने रूस से कच्चे तेल का आयात बंद नहीं किया, तो उस पर “भारी टैरिफ (Massive Tariffs)” लगाए जाएंगे। ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है और उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि भारत जल्द ही रूसी तेल खरीदना कम करेगा। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ किया कि हाल में ट्रम्प और मोदी के बीच ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है।

भारत-रूस तेल व्यापार क्यों है अहम

Trump warning

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने भारत को सस्ता तेल बेचना शुरू किया, जिससे भारत को अपने ऊर्जा बिल में बड़ी राहत मिली। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर रखने के लिए रूसी तेल का आयात महत्वपूर्ण है। भारत का कहना है कि उसका निर्णय राष्ट्रीय हित और ऊर्जा संतुलन पर आधारित है, किसी बाहरी दबाव पर नहीं। पूरी तरह से रूसी तेल पर रोक लगाना फिलहाल संभव नहीं है क्योंकि इससे आपूर्ति श्रृंखला और लागत दोनों पर असर पड़ेगा।

टैरिफ विवाद से बढ़ेगा व्यापारिक तनाव

Trump warning

Trump warning दिया है कि भारत पर पहले से लागू 50% तक के टैरिफ और बढ़ाए जा सकते हैं, अगर रूसी तेल आयात जारी रहा। विश्लेषकों का अनुमान है कि इन टैरिफों से भारत की GDP में लगभग 1% की गिरावट आ सकती है। अमेरिका-भारत के बीच यह विवाद सिर्फ व्यापार का नहीं बल्कि ऊर्जा नीति और भू-राजनीतिक संतुलन का भी मामला है।

भारत की रणनीति: विविध ऊर्जा स्रोत और कूटनीतिक संतुलन

भारत अब अमेरिका के Trump warning के बीच ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।

  • अमेरिकी LNG और मध्य पूर्वी तेल के आयात को बढ़ाना,
  • वैकल्पिक देशों के साथ दीर्घकालिक अनुबंध करना,
  • और कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका से टैरिफ छूट की मांग करना — ये भारत की संभावित रणनीतियाँ हैं।
    भारत के लिए जरूरी है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों के बीच सही संतुलन बनाए रखे।