दिवाली से पहले Delhi Air Quality फिर से जहरीली होती जा रही है। राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो “गंभीर (Severe)” श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम की स्थिति नहीं बदली तो दिवाली तक प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं।
मुख्य कारण – पराली, वाहन धुआं और मौसम की मार

Delhi Air Quality के पीछे कई कारण हैं। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिनका असर दिल्ली-एनसीआर की हवा पर सीधा पड़ रहा है। इसके साथ-साथ वाहनों का उत्सर्जन, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और धीमी हवाएं वायु गुणवत्ता को और खराब कर रही हैं। इस समय हवा का प्रवाह बहुत कम है, जिससे जहरीले कण वातावरण में फंसे रह जाते हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र – आनंद विहार से लेकर बवाना तक

Delhi Air Quality आनंद विहार, विवेक विहार, झिलमिल, बवाना और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में AQI “गंभीर श्रेणी” में दर्ज किया गया है। वहीं, साउथ और सेंट्रल दिल्ली के कई हिस्सों में स्थिति “बहुत खराब (Very Poor)” बनी हुई है। सुबह-शाम के समय स्मॉग की मोटी परत से दृश्यता घट गई है और सड़कों पर मास्क लगाए लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
Delhi Air Quality सावधानी ही बचाव – स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
As winter nears, Delhi's air quality remains elevated for the sixth consecutive day on Sunday with several areas reporting Air Quality Index (AQI) readings in the 'poor and 'very poor' categories.
— IndiaToday (@IndiaToday) October 19, 2025
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
- बाहर जाने पर N95 मास्क का इस्तेमाल करें।
- सुबह-शाम के वक्त जॉगिंग या ओपन-एयर एक्सरसाइज से परहेज करें।
- घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या पौधों का प्रयोग करें।
- दिवाली पर ग्रीन पटाखे या बिना पटाखों के उत्सव मनाने की अपील की जा रही है।
सरकार ने भी निर्माण कार्यों पर निगरानी बढ़ाई है और ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि प्रदूषण को काबू में लाया जा सके।









