पाकिस्तान ने हाल ही में Taliban Border Attack किए। पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले टीटीपी (तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) जैसे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए गए। हालांकि, इन हमलों में कई निर्दोष नागरिकों, महिलाओं और बच्चों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। अफगान तालिबान ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
Taliban Border Attack, सीमा चौकियों पर हमला

इन हमलों के बाद तालिबान ने कड़ा जवाब देते हुए सीमा पार पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर गोलाबारी शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान बलों ने भारी हथियारों से पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया, जिसके बाद सीमा क्षेत्रों में तनाव तेजी से बढ़ गया। तालिबान का कहना है कि यह कार्रवाई “पाकिस्तानी आक्रमण का जवाब” है।
Taliban Border Attack से दोनों देशों के बीच बढ़ रहा है विवाद

पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई आतंकियों के खिलाफ आत्मरक्षा के तहत की गई, जबकि अफगान तालिबान इसे सीमा उल्लंघन बता रहा है। दोनों देशों के बीच दुरंड रेखा (Durand Line) को लेकर पहले से ही विवाद है, जिसे अफगानिस्तान आधिकारिक सीमा के रूप में स्वीकार नहीं करता। यही कारण है कि सीमा सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है।
आगे क्या हो सकता है?
BIG NEWS 🚨 Saudi Arabia did not help Pakistan despite pact 😂 pic.twitter.com/URNaxmUcXn
— Times Algebra (@TimesAlgebraIND) October 12, 2025
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच संवाद और कूटनीतिक समाधान नहीं हुआ, तो यह विवाद क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है। नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ने से मानवीय संकट भी गहराने का खतरा है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस मामले पर शांतिपूर्ण समाधान की अपील कर रही हैं।









