PM-WANI Scheme: घर बैठे Wi-Fi से Earning का नया मौका, जानें पूरी जानकारी

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भारत सरकार की PM-WANI (PM-WANI – Prime Minister Wi-Fi Access Network Interface) योजना का उद्देश्य देशभर में सस्ती और सर्वसुलभ वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत आम नागरिक, दुकानदार या छोटे व्यवसायी अपने वाई-फाई नेटवर्क को पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO) के रूप में रजिस्टर कर सकते हैं। इसके लिए किसी टेलीकॉम लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती।

घर बैठे वाई-फाई से कमाई का मौका

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PM-WANI के तहत कोई भी व्यक्ति या दुकान अपने इंटरनेट को पब्लिक हॉटस्पॉट बना सकती है। इसके बाद आस-पास के यूजर वाई-फाई से जुड़ने के लिए डेटा वाउचर खरीदते हैं, जिससे कमाई होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई PDO ऑपरेटर हर महीने ₹2000 से ₹4000 तक की अतिरिक्त आमदनी कर रहे हैं। राजस्व का कुछ हिस्सा PDO के पास रहता है, जबकि बाकी हिस्सा एग्रीगेटर और इंटरनेट प्रदाता को मिलता है।

वाई-फाई शेयरिंग से बढ़ते प्राइवेसी और सुरक्षा खतरे

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जहाँ एक ओर यह योजना आमदनी का साधन बन रही है, वहीं डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा को लेकर चिंताएँ भी बढ़ रही हैं।

  • पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क पर हैकर्स द्वारा डेटा चोरी, मॉलवेयर और स्नूपिंग का खतरा रहता है।
  • कुछ PDO ऐप उपयोगकर्ताओं की पहचान और ब्राउज़िंग डेटा को एक वर्ष तक स्टोर करते हैं, जिससे निजता पर सवाल उठते हैं।
  • भारत में अभी भी मजबूत डेटा प्रोटेक्शन कानून पूरी तरह लागू नहीं हुआ है, जिससे उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जोखिम में पड़ सकती है।
  • PDO के नेटवर्क का दुरुपयोग होने पर कानूनी जिम्मेदारी भी PDO पर आ सकती है।

डिजिटल भारत की ओर कदम, लेकिन सावधानी जरूरी

PM-WANI योजना भारत के डिजिटल विस्तार की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में इंटरनेट की पहुँच बढ़ा रही है और छोटे कारोबारियों को नई कमाई का मौका दे रही है। हालाँकि, उपयोगकर्ताओं और PDOs को अपने नेटवर्क की सुरक्षा, पासवर्ड प्रोटेक्शन और एन्क्रिप्शन पर ध्यान देना आवश्यक है। सरकार अगर डेटा प्रोटेक्शन और यूज़र प्राइवेसी पर सख्त कदम उठाए, तो यह योजना भारत को वाई-फाई क्रांति की दिशा में अग्रणी बना सकती है।