Sonam Wangchuk’s Hunger Strike in Ladakh: भूख हड़ताल समाप्त कर सोनम वांगचुक की शांति की अपील

Sonam Wangchuk
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

प्रसिद्ध पर्यावरणविद और नवप्रवर्तनक Sonam Wangchuk ने लद्दाख में 15 दिन की भूख हड़ताल शुरू की। उनका उद्देश्य लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करवाना था। यह आंदोलन 10 सितंबर से शुरू हुआ और लद्दाख की राजनीतिक स्थिति को लेकर स्थानीय युवाओं में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास था।

शांतिपूर्ण आंदोलन से हिंसा की ओर

Sonam Wangchuk

शुरुआत में आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन 24 सितंबर को प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत और 40 से अधिक लोग घायल हुए। स्थिति बिगड़ने के कारण लेह में कर्फ्यू लागू कर दिया गया।

सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल समाप्त की

Sonam Wangchuk

हिंसा के बढ़ते खतरे को देखते हुए Sonam Wangchuk ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि लद्दाख की मांगों को संवाद और समझौते के माध्यम से हल करना चाहिए।

केंद्र सरकार और स्थानीय नेताओं के बीच विवाद

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आरोप लगाया कि Sonam Wangchuk के प्रवचन और बयान आंदोलन में हिंसा को बढ़ावा देने वाले थे। वहीं, वांगचुक और अन्य स्थानीय नेताओं का कहना है कि सरकार ने स्थानीय नेताओं से सही तरीके से बातचीत नहीं की, जिससे युवाओं में असंतोष और आंदोलन तेज हुआ।