DUSU election 2025 चर्चा में हैं। इस बार भी कई छात्र संगठनों ने एक-दूसरे पर वोट चोरी और धांधली के आरोप लगाए हैं। चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार माहौल और भी गरमाया हुआ दिखा।
छात्र संगठनों के आरोप और EVM विवाद

चुनाव के दौरान अक्सर यह शिकायतें सामने आती हैं कि EVM में गड़बड़ी हुई या फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग किया गया। कई बार छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके वोट बिना डाले ही दर्ज कर दिए गए। इससे छात्र राजनीति में पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।
DUSU election 2025 सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका

विश्वविद्यालय प्रशासन और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी होती है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष हो। इस बार भी सुरक्षा बढ़ाई गई, पुलिस तैनात की गई और सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी गई। इसके बावजूद विपक्षी छात्र संगठन वोट चोरी का आरोप लगाते रहे।
छात्रों की मांग: निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव
#WATCH | DUSU Elections 2025 | Joslyn Nandita Choudhary, NSUI President Candidate says, "I am completely hopeful that we are going to have good results. The university has seen very positive results. NSUI is going to win all four seats. I'm a woman presidential candidate. We're… pic.twitter.com/MiIRTYevwa
— ANI (@ANI) September 18, 2025
छात्रों का मानना है कि DUSU election 2025 तभी भरोसेमंद कहलाएंगे जब इनमें पूरी पारदर्शिता और सख्त निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने निष्पक्ष चुनाव कराने और वोट चोरी रोकने की मांग तेज कर दी है।









