Tribanadhari Barbarik की कहानी एक परिवार के समस्याओ को लेकर दिखाया गया है जिसमे केवल एक दादा और उनकी पोती है,जो अचानक से कही गुमहो जाती है जिसके बाद उनके दादा उन्हें ढूंढने अकेले ही निकल पड़ते है | इसी journey में कई किरदार सामने आते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, suspense और thrill बढ़ता जाता है और दर्शक सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर असली सच क्या है।

Performances और Characters
- Sathyaraj का performance इस फिल्म का सबसे strong हिस्सा है। उन्होंने दादा के रूप में अपने दर्द, डर और हिम्मत को बखूबी पर्दे पर दिखाया है।
- Vasishta N. Simha role काफी unpredictable है। एक पल वह hero जैसा लगता है और अगले ही पल negative shades लेकर कहानी को नया मोड़ देता है।
- supporting cast में कुछ characters ठीक-ठाक असर छोड़ते हैं, लेकिन पूरी तरह memorable नहीं बन पाते।
फिल्म का cinematography शानदार है, खासकर night shots और rain sequences बहुत ही realistic लगते हैं। background score कहानी में tension बनाए रखता है और climax तक audience को seat से बांधकर रखता है। Editing थोड़ी और crisp होती तो movie और engaging हो सकती थी।

Tribanadhari Barbarik फिल्म देखने के बाद अनुभव
अगर आप एक ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जिसमें mythological story, crime thriller और suspense drama का perfect blend हो, तो Tribanadhari Barbarik जरूर देखी जा सकती है। यह फिल्म आपको लगातार सोचने पर मजबूर करेगी और आखिर तक thrill बनाए रखेगी।









