Anil Ambani CBI Raid :  ₹2,929 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में छापेमारी

Anil Ambani CBI Raid
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Anil Ambani CBI Raid मुंबई में उद्योगपति अनिल अंबानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, क्योंकि CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने उनके सी विंड (Sea Wind), कफ परेड स्थित आवास और रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के दफ्तरों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शिकायत पर की गई है, जिसमें ₹2,929 करोड़ के लोन फ्रॉड का आरोप लगाया गया है।

Anil Ambani CBI Raid क्या है पूरा मामला

Anil Ambani CBI Raid

Anil Ambani CBI Raid SBI की शिकायत पर FIR दर्ज – SBI ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनी RCOM को “फ्रॉड” करार देते हुए CBI में शिकायत दर्ज कराई। ₹2,929 करोड़ का घोटाला – बैंक का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने लोन की रकम का सही इस्तेमाल नहीं किया और फंड को अन्य जगह ट्रांसफर किया गया। 

फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में खुलासे

Anil Ambani CBI Raid

 रिपोर्ट के अनुसार, लगभग ₹31,580 करोड़ की संदिग्ध लेन-देन हुई, जिसमें ₹13,667 करोड़ लोन चुकाने में, ₹12,692 करोड़ संबद्ध कंपनियों को, ₹1,883 करोड़ निवेश के नाम पर, और ₹5,525 करोड़ एडवांस के रूप में दिए गए, जिन्हें बाद में लिख दिया गया।

CBI की कार्रवाई

Anil Ambani CBI Raid

Anil Ambani CBI Raid आवास और दफ्तरों पर छापेमारी – CBI ने मुंबई के कफ परेड में स्थित अनिल अंबानी के घर और RCOM के कई दफ्तरों पर तलाशी ली। कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए – जांच एजेंसी ने बैंक ट्रांजैक्शन, लोन डॉक्यूमेंट्स और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

अनिल अंबानी का बयान

Anil Ambani CBI Raid

अनिल अंबानी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है: यह मामला 10 साल पुराना है और उस समय वह नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे, जिनका दैनिक संचालन में कोई रोल नहीं था। SBI ने अन्य नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के खिलाफ कार्यवाही वापस ले ली है, लेकिन उन्हें अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले को कानूनी रूप से चुनौती देंगे और अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।

कानूनी स्थिति

मामला NCLT और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। CBI ने अनिल अंबानी और RCOM के खिलाफ क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, चीटिंग, क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट और फंड डाइवर्जन जैसे गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।