उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की चायल सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक Pooja Pal को पार्टी ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दरअसल, विधानसभा में “विजन डॉक्यूमेंट 2047” पर 24 घंटे की चर्चा के दौरान पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी की खुले मंच से सराहना की थी।

Pooja Pal ने विधानसभा में योगी की तारीफ़
Pooja Pal ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके पति राजू पाल हत्याकांड में न्याय दिलाने का काम किया। उन्होंने कहा “मुख्यमंत्री ने वह काम किया जो कोई और नहीं कर सका। उनकी ज़ीरो टॉलरेंस नीति के कारण अपराधियों का अंत हुआ, जिसमें मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद का सफाया भी शामिल है।” उन्होंने भावुक होकर कहा – “मुख्यमंत्री ने मेरे पति के क़ातिल को मिट्टी में मिला दिया।”

सपा का सख़्त रुख़
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हस्ताक्षर वाले पत्र में लिखा गया कि पूजा पाल को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने लगातार पार्टी लाइन के ख़िलाफ़ बयान दिए और इससे पार्टी की छवि को नुकसान हुआ। इसके बाद उन्हें सभी पार्टी पदों से हटाते हुए किसी भी कार्यक्रम या बैठक में शामिल होने पर रोक लगा दी गई।
Pooja Pal का जवाब
पूजा पाल का राजनीति लगभग 2022 से पहले खत्म हो गई थी लेकिन समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया तो जीत गई ,अब भाजपा से टिकट लेने के लिए सीएम योगी बाबा का गुणगान कर रही है,
— Aditya Yadav (@YadavAditya01) August 14, 2025
अबकी बार 2027 में चुनाव हारी तो राजनीति हमेशा,हमेशा के लिए खत्म!!
Atiq Ahmed | राजू पाल | पाल समाज pic.twitter.com/X3xk0jO8vE
Pooja Pal ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा – “मैं केवल विधायक नहीं, सबसे पहले एक पीड़िता हूं। मैं प्रयागराज की उन सभी महिलाओं और परिवारों की आवाज़ हूं, जिन्होंने अपराधियों के डर में सालों गुज़ारे। योगी सरकार ने उन्हें न्याय दिलाया, और मैं सच बोलने से पीछे नहीं हटूंगी।”
भाजपा का हमला
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपा के इस फ़ैसले को “महिला विरोधी मानसिकता” करार दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले एक महिला विधायक को सिर्फ़ इसलिए निकाला गया क्योंकि उसने सच कहा, यह सपा की संकीर्ण सोच को दिखाता है।

पहले भी हो चुके हैं निष्कासन
यह घटना पिछले कुछ महीनों में सपा से हुई चौथी बड़ी बर्ख़ास्तगी है। जून 2025 में पार्टी ने अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और मनोज कुमार पांडेय को राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप में निष्कासित किया था।









