Operation Sindoor Vir Chakra ऑपरेशन सिंदूर में चमकी भारतीय वायुसेना की वीरता, 9 जांबाज अधिकारियों को मिला वीर चक्र सम्मान

Operation Sindoor Vir Chakra
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Operation Sindoor Vir Chakra नई दिल्ली, 14 अगस्त 2025 – भारत सरकार ने स्वतंत्रता दिवस 2025 से पहले देश के वीर सपूतों को सम्मानित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर में असाधारण साहस और पराक्रम दिखाने वाले भारतीय वायुसेना के 9 अधिकारियों को वीर चक्र से नवाजा है। इन जांबाज पायलटों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले कर दुश्मन के कई सैन्य संसाधनों को तबाह किया।

Operation Sindoor Vir Chakra

Operation Sindoor Vir Chakra पाने वाले 9 वायुसेना अधिकारी

Operation Sindoor Vir Chakra 2025 से सम्मानित भारतीय वायुसेना के अधिकारी: ग्रुप कैप्टन – रंजीत सिंह सिद्धू, मनीष अरोड़ा, अनीमेश पटनी, कुणाल कालरा विंग कमांडर – जॉय चंद्रा स्क्वाड्रन लीडर – सार्थक कुमार, सिद्धांत सिंह, रिजवान मलिक फ्लाइट लेफ्टिनेंट – आर्शवीर सिंह ठाकुर

Operation Sindoor Vir Chakra

ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक प्रहार

मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में स्थित आतंकी मुख्यालयों पर सटीक हवाई हमले किए। इन हमलों में न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया, बल्कि पाकिस्तानी वायुसेना के कम से कम छह लड़ाकू विमान मार गिराए गए।

Operation Sindoor Vir Chakra

थलसेना के जांबाज भी हुए सम्मानित

ऑपरेशन सिंदूर के लिए कुल 13 वीर चक्र प्रदान किए गए, जिनमें 9 वायुसेना और 4 थलसेना के जांबाज शामिल हैं। थलसेना के वीर चक्र विजेता: कर्नल कोशांक लांबा (302 मीडियम रेजिमेंट) लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट (1988 मीडियम बैटरी) नायब सूबेदार सतीश कुमार (4 डोगरा) राइफलमैन सुनील कुमार (4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री)

Operation Sindoor Vir Chakra

अन्य सैन्य सम्मान भी घोषित

ऑपरेशन सिंदूर में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए वायुसेना के 4 वरिष्ठ अधिकारियों को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक देने की घोषणा हुई है। इनमें वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल नरदेश्वर तिवारी भी शामिल हैं। Operation Sindoor Vir Chakra 2025 और ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के साहस, रणनीति और सटीक हमलों का उदाहरण हैं। इन वीर जवानों की कहानियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेंगी।