Balochistan Liberation Army (BLA) और इसके आत्मघाती हमलों के लिए कुख्यात संगठन मजीद ब्रिगेड को अमेरिका ने हाल ही में आधिकारिक तौर पर विदेशी आतंकी संगठन (FTO) घोषित कर दिया है। यह कदम ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर अमेरिका दौरे पर थे, जिससे यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

Balochistan Liberation Army पर अमेरिका का बड़ा फैसला
11 अगस्त 2025 को अमेरिका ने Balochistan Liberation Army और इसकी सहयोगी इकाई मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित करते हुए उनकी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह निर्णय इन संगठनों की हिंसक गतिविधियों और निर्दोष नागरिकों पर हमलों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

पाकिस्तान के लिए क्यों है बड़ी जीत
कूटनीतिक बढ़त: इस फैसले के बाद पाकिस्तान खुद को आतंकवाद का शिकार देश के रूप में प्रस्तुत कर सकता है, न कि आतंकवाद को पनाह देने वाला। अंतरराष्ट्रीय सहयोग: अमेरिका के इस कदम से पाकिस्तान को BLA के खिलाफ सैन्य और खुफिया सहयोग में आसानी होगी। वित्तीय चोट: आतंकवादी टैग लगने से BLA और मजीद ब्रिगेड की वैश्विक फंडिंग और हथियारों की सप्लाई पर सीधा असर पड़ेगा।

BLA और मजीद ब्रिगेड का इतिहास
Balochistan Liberation Army (BLA) की स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में बलूचिस्तान की आज़ादी की मांग के साथ हुई थी। वर्तमान में इसकी अगुवाई बशीर ज़ेब कर रहे हैं और इसमें मारी, बुगटी, मेंगल जैसे जनजातीय समूहों का प्रभाव माना जाता है। BLA की फंडिंग के स्रोतों में उगाही, तस्करी और ड्रग व्यापार के आरोप शामिल हैं, हालांकि पाकिस्तान बार-बार भारत पर इसे समर्थन देने का आरोप लगाता है, जिसे कई विशेषज्ञ खारिज करते हैं।

बड़े हमले जिनसे बना आतंक का पर्याय
मार्च 2025: जैफ़र एक्सप्रेस पर हमला, 10 सुरक्षा कर्मियों की मौत, 33 हमलावर ढेर। अक्टूबर 2024: कराची एयरपोर्ट रोड पर विस्फोट, 2 चीनी नागरिकों की मौत, 10 पाकिस्तानी घायल। अप्रैल 2022: कराची में महिला आत्मघाती हमले में 3 चीनी नागरिकों और ड्राइवर की मौत। जून 2020: कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हमला, 3 की मौत। मई 2019: ग्वादर के एक होटल पर हमला, विदेशी निवेशकों को निशाना। 2018: कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला।

समय की अहमियत और रणनीति
यह घोषणा ऐसे समय पर आई है, जब एक बलूच नेता ने असीम मुनीर पर बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों—तेल, गैस, कॉपर और रेयर अर्थ मिनरल्स—को लेकर गलत दावे करने का आरोप लगाया था। अमेरिका का यह कदम पाकिस्तान की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करता है और अलगाववादी गुटों के प्रभाव को कमजोर करता है।









