सलाकार (salakaar) रिव्यू अजीत डोभाल से प्रेरित जासूसी मिशन, नवीन कस्तूरिया की दमदार एक्टिंग और देशभक्ति का थ्रिलर सफर

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सलाकार (salakaar) एक स्पाई-थ्रिलर वेब सीरीज़ है, जो सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और इसे अजीत डोभाल जैसी जासूसी दुनिया की प्रतिष्ठित शख्सियत को समर्पित किया गया है। कहानी दो अलग-अलग समयरेखाओं – 1978 और 2025 – में आगे बढ़ती है। इसमें नवीन कस्तूरिया का किरदार ‘अधिर’ एक युवा भारतीय जासूस के रूप में पाकिस्तान में घुसपैठ करता है और एक परमाणु हमले की साज़िश को नाकाम करने में जुट जाता है। सालों बाद वही व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनकर अपने अनुभव और रणनीति से देश की रक्षा करता है।

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कलाकारों का प्रदर्शन

नवीन कस्तूरिया ने अपने गंभीर और संतुलित अभिनय से जासूसी माहौल को बेहतरीन करने की कोशिश की है, वहीं मौनी रॉय का किरदार कहानी में एक भावनात्मक जुड़ाव जोड़ता है। बाकी सहायक कलाकार अपने-अपने किरदारों में ठीक-ठाक रहे, हालांकि कुछ जगह संवाद और स्क्रीन टाइम में कमी साफ महसूस होती है।

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Salakaar निर्देशन

फर्रुक कबीर के निर्देशन में बनाई गई इस सीरीज़ में लोकेशन, सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन डिजाइन अच्छा है। कहानी का आधार मजबूत होने के बावजूद, इसकी गति और स्क्रिप्ट में गहराई की कमी कहीं-कहीं रोमांच को फीका कर देती है। हालांकि, इसका शॉर्ट रनटाइम इसे ज़रूरी टाइटनेस देता है |

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  • सलाकार (salakaar) में सबसे बड़ा मुद्दा इसकी स्क्रिप्ट का अनसंतुलन है। कुछ सीक्वेंस बेवजह खिंचते हैं, जबकि कई अहम मोड़ जल्दी निपटा दिए गए हैं। जासूसी थ्रिलर में जिस स्तर की चतुराई, रहस्य और ट्विस्ट की उम्मीद की जाती है, वह यहां पूरी तरह नहीं मिलती।