Sanju Samson : भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज़

Sanju Samson
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Sanju Samson भारतीय क्रिकेट के उन सितारों में से हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिभा और आत्मविश्वास के दम पर देश-विदेश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह एक शानदार विकेटकीपर-बल्लेबाज़ हैं, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी और बेहतरीन विकेटकीपिंग के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल में वह राजस्थान रॉयल्स के कप्तान के रूप में भी प्रशंसा बटोर चुके हैं।

शुरुआती जीवन और क्रिकेट सफर

Sanju Samson
Sanju Samson ने भारत के लिए अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू 19 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ किया।

संजू विष्णु सैमसन का जन्म 11 नवंबर 1994 को केरल के त्रिवेंद्रम में हुआ। उनके पिता, जो पहले पुलिस विभाग में थे, ने संजू के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनून रखने वाले संजू ने अपने स्कूली दिनों में ही कई रिकॉर्ड बना दिए थे। उन्होंने अंडर-13, अंडर-16 और अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद उनका चयन भारतीय अंडर-19 टीम में हुआ।

अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत

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Sanju Samson ने भारत के लिए अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू 19 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ किया।

Sanju Samson ने भारत के लिए अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू 19 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ किया। शुरुआत में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन उन्होंने हर वापसी के बाद खुद को और बेहतर साबित किया। वनडे में उन्होंने 2021 में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू किया और लगातार अपनी बल्लेबाज़ी से प्रभावित करते रहे।

आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन

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Sanju Samson ने भारत के लिए अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू 19 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ किया।

आईपीएल ने संजू सैमसन को एक अलग पहचान दिलाई। 2013 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने कई शानदार पारियां खेलीं। बाद में वह टीम के कप्तान बने और युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए जाने गए। उनके बड़े-बड़े छक्के और तेज़ रन बनाने की क्षमता ने उन्हें आईपीएल के सबसे रोमांचक खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।

उपलब्धियां और भविष्य

Sanju Samson ने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैचों में कई बार मैच विनिंग पारियां खेली हैं। उनका संयम, फिटनेस और निरंतर मेहनत उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा बनाए रखने में मदद कर रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में वह भारत के सबसे सफल विकेटकीपर-बल्लेबाज़ों में से एक बन सकते हैं।