Dhadak 2 फिल्म तमिल बारंटी “परियेरुम पेरुमल” की रीमेक है, जिसमें प्रेम कहानी जातीय भेदभाव के संघर्ष के साथ बंधी है | शुरुआत मजबूत लेकिन दूसरी पारी धीमी और कमजोर पड़ी है। निर्देशन में भावनात्मक ब्यौरे को प्रभावशाली दिखाने की कोशिश की गयी, पर कथा की गति और सरलीकरण बेहतर हो सकता था | यह फिल्म 1 अगस्त को रिलीज हो रही है और जो भी पहले दिन जायेगा टिकट पर 200 रुपये तक छुट मिल सकती है |
Dhadak 2 में अभिनय

Dhadak 2 में सिद्धांत चतुर्वेदी ने नीलेश के किरदार में गहराई, रिवाज और संघर्ष का संतुलन खूब दिखाया है | तृप्ति डिमरी, विधि की भूमिका में आत्मविश्वासी शुरुआत के साथ साथ अंत तक संतुलित प्रदर्शन करती हैं, हालांकि पूरी तरह स्वतंत्र किरदार नहीं मिल पाता | अन्य पात्रों जैसे सौरभ सचदेवा, विपिन शर्मा, और जाकिर हुसैन ने अपनी छोटी भूमिकाओं में भी प्रभाव छोड़ा है |
विषय और संदेश

फिल्म जातिगत असमानता और सामाजिक अन्याय जैसे गंभीर मुद्दों को उठाती है, लेकिन गहराई और प्रभाव में कमी रह जाती है | संवाद और क्लाइमेक्स ज्यादा प्रचारित लगे अभिनय अच्छा रहा, लेकिन पढ़ाई की गंभीरता और निर्देशन की मजबूती थोड़ी कमजोर पड़ी है | गाने जैसे “प्रीत रे”, “बस एक धड़क” और “बावरिया” भावनात्मक पृष्ठभूमि प्लॉट को सपोर्ट करते हैं, पर दिमकी नहीं छोड़ते |









