भारत ने 2036 Summer Olympics की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर पर अपनी दावेदारी की पुष्टि कर दी है। यह कदम देश के खेल इतिहास में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, जिससे भारत की वैश्विक खेल मंच पर मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है।
IOC के साथ बातचीत के अहम चरण में भारत की बोली

भारतीय ओलंपिक संघ और केंद्र सरकार की ओर से इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल भारत की बोली निरंतर संवाद (Continuous Dialogue) के चरण में है, जिसमें IOC भारत की योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और आयोजन क्षमता का आकलन कर रहा है।
संभावित मेजबान शहर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

2036 Summer Olympics के लिए अहमदाबाद को संभावित मेजबान शहर के रूप में देखा जा रहा है। शहर में पहले से मौजूद आधुनिक स्टेडियम, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और बड़े आयोजनों का अनुभव भारत की बोली को मजबूती देता है। सरकार खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
ओलंपिक मेजबानी से भारत को क्या मिलेगा फायदा
🚨 India has decided to bid to host the 2036 Olympics: Sports Minister Mansukh Mandaviya. pic.twitter.com/bHPbNlGf64
— Indian Tech & Infra (@IndianTechGuide) December 22, 2025
अगर भारत को 2036 Summer Olympics की मेजबानी मिलती है तो इससे
- खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक पहचान मिलेगी
- पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
- युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा
- भारत की सॉफ्ट पावर और ग्लोबल इमेज मजबूत होगी









